पूरे बिहार में मानसून के एक्टिव हो जाने की संभावना जताई गई है। सुपौल में पहले ही मानसून प्रवेश कर चुका है। मंगलवार की सुबह पटना में मानसून की पहली बौछार हुई, जिससे शहरवासियों को गर्मी से राहत मिली। गया, पूर्णिया व सुपौल भी भी वर्षा हुई है। राजधानी में 3.3 एमएम, गया में 20.2 एमएम व पूर्णिया में 11.4 एमएम वर्षा दर्ज की गई।
बादलों की होती रही लुकाछिपी
मौसमविदों के अनुसार पटना, गया और छपरा में मानसून पहुंच चुका है। अगले 48 घंटे में पूरे बिहार में मानसून सक्रिय हो जाएगा और वर्षा होगी। बिहार में मानसून आने की तिथि 11 से 13 जून के बीच है। लेकिन, पछुआ हवा चलने और तेज धूप रहने की वजह से मानसून कमजोर हो गया था। इस वजह से देरी हुई। वैसे इस साल बिहार में सामान्य यानी 100 से 110 सेंटीमीटर बारिश होने की पूरी उम्मीद है।

मंगलवार को सुबह से शाम तक बादलों की लुकाछिपी रही। सुबह में बादल लगे हुए थे पर दिन चढ़ते ही सूरज बादलों की चीरते हुए निकल गया। दोपहर में धूप में खासी तपिश महसूस की गई। शाम होते-हाेते फिर बादलों का डेरा लगा पर बारिश नहीं। पटना का अधिकतम पारा 35 डिग्री दर्ज किया गया जबकि गया का 29.4, भागलपुर का 34.6 व पूर्णिया का 32.1 डिग्री से. रिकॉर्ड किया गया। बिहार व झारखंड में लगभग एक समय दस्तक देता है। बिहार से मानसून उत्तरप्रदेश को पार करते हुए मध्यप्रदेश पहुंचता है। मध्यप्रदेश में उड़ीसा तट व बिहार से पहुंचा मानसून दोनों से बारिश होती है। मौसमविदों के अनुसार जुलाई के दूसरे सप्ताह में देश के लगभग सभी भागों में मानसून सक्रिय हो जाता है।


