राजधानी पटना में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पाटलीपुत्र विश्वविद्यालय का उद्घाटन किया। इस दौरान नीतीश कुमार ने शिक्षकों की ओर इशारा करते हुए कहा कि आप सिर्फ पढ़ाने की चिंता करें और छात्र सिर्फ पढ़ने की चिंता करें। बाकी चिंता सब मेरी है।
वहीं, सीएम नीतीश ने घोषणा की है कि विश्वविद्यालय शिक्षकों को जल्द सातवां वेतनमान दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने इस बाबत शिक्षा विभाग के अधिकारियों को जल्द कमिटी गठित करने का निर्देश दिया है। मुख्यमंत्री ने छात्रों की सुविधाओं के बारे में कहा कि छात्रों की उच्च शिक्षा के लिए सरकार कृत संकल्प है।
पाटलीपुत्र विवि के उद्घाटन के दौरान नीतीश कुमार ने कहा कि मगध विश्वविद्यालय से कुछ भाग को अलग कर आज एक नए विश्वविद्यालय की स्थापना हुई है। बहुत जल्द 05 और प्राइवेट विश्वविद्यालय और दो सरकारी विश्वविद्यालय का भी उद्घाटन होगा।

उसके लिए सरकार चार लाख तक के लोन कि स्वीकृति दी है। पहले बैंको में सिर्फ वोकेशनल कोर्स के लिए लोन मिलते थे, अब सामान्य पढ़ाई के लिए भी लोन दिए जाएंगे और वो अगर लोन चुका नहीं पाए तो लोन भी माफ कर देंगे। इस कार्यक्रम के दौरान उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी, शिक्षा मंत्री कृष्नंदन वर्मा, दिल्ली पूर्वी के सासंद मनोज तिवारी व पाटलिपुत्र के कुलपति गुलाब चंद राम जयसवाल के साथ कई लोग थे।
वहीं, उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी ने विश्वविद्यालय के सभी कुलपतियों के पढ़ाई व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि क्या कारण है कि आज के दौर में छात्र सिर्फ परीक्षा फॉर्म भरने के लिए नामांकन करवाते हैं? और पढ़ाई कोचिंग में करते हैं। छात्रों की उपस्थिति मात्र 40% ही रह गई है।
आप कॉलेजों में समय-सीमा पर पाठ्यक्रम को पूरा कर समय पर परीक्षा लेकर रिजल्ट प्रकाशित करें। ताकि छात्रों को परेशान होना न पड़े। वहीं, बदलते समय के अनुसार पाठ्यक्रम में बदलाव लाते रहें। वही घिसा-पिटा पुराने पाठ्यक्रम में बदलाव की जरूरत है। व्यावसायिक विषय एवं टेक्नोलॉजी के विषय पर जोर दें।


