भागलपुर। जीरोमाइल से घोघा के बीच एक छह दिनों में एनएच-80 को मोटरेबुल कर चलने लायक बना दिया जाएगा। शनिवार को सबौर से घोघा के बीच भी सड़क मोटरेबुल करने का काम शुरू कर दिया गया है। गिंट्टी और स्टोन डस्ट डालकर बड़े-बड़े गड्ढों को भरा जा रहा है। विभागीय अधिकारियों ने एक सप्ताह में गड्ढों को भरकर समतल कर सड़क चलने लायक बनाने का निर्देश है। अधिकारियों ने संवेदक (पलक इंफ्रा प्राइवेट) को बनाने के बाद जहां-जहां सड़कें खराब हुई हैं उन जगहों को भी दुरुस्त करने को कहा है।
सबौर से रमजानीपुर तक 31 किलोमीटर लंबे एनएच-80 निर्माण की लागत 48 करोड़ है। इसमें मसाढ़ू पुल और छह कलभर्ट निर्माण भी शामिल है।
बता दें कि विभाग द्वारा संवेदक को 19 करोड़ रुपये भुगतान के बावजूद निर्माण की बात तो दूर एक साल तक पांच किलोमीटर गढ्डे तक नहीं भरे जा सके थे।

इधर, जीरोमाइल से इंजीनिय¨रग कॉलेज के बीच पिछले छह दिनों में एनएच-80 के गड्ढों को भरने का काम चल रहा है। जरूरत से काफी कम मात्रा में स्टोन डस्ट डालने तथा सही तरीके से समतल नहीं करने के कारण वाहनों के गुजरने पर गिट्टियां उखड़ रही है। इसकी वजह से फिर गड्ढे बन जा रहे हैं। ऐसी स्थिति में गड्ढे कम नहीं हो रहे हैं।
कोट :-
बारिश मौसम में दो माह बिटुमिनस कार्य संभव नहीं है। इसलिए फिलहाल मोटरेबुल कर सड़क को चलने लायक बनाया जा रहा है। कार्यपालक अभियंता ने पांच-छह दिनों में सड़क मोटरेबुल कार्य पूरा करने का दावा किया है। टूटने पर 24 घंटे के भीतर मरम्मत करने का निर्देश दिया गया है। इसके लिए तीन-चार गाड़ियां मटीरियल स्टोर कर रखने के लिए कहा गया है।
– प्रणव कुमार, डीएम भागलपुर।


