नवगछिया : बभनगामा गांव में शौचालय टंकी में उतरे एक के बाद एक तीन युवकों की मौत के बाद पूरे गांव में लोग शोक संतप्त है. तीनों युवकों के साथ उनके परिजनों को भी यह अंदाजा नहीं था कि टंकी इतना खतरनाक होगा.
फुटिंग पर थी परिवार की जिम्मेदारी
लक्षमी महतो का 25 वर्षीय पुत्र फुटिंग महतो पर ही पूरे परिवार की जिम्मेदारी थी. उसकी मौत के बाद पूरा परिवार बेसहारा हो गया. मालूम हो कि दो लोगों के टंकी में घुसने के बाद फुटिंग भी टंकी में उतरा था. परिजन बता रहे हैं कि फुटिंग सब्जी बेचने का काम करता था. वह शहर के मंडी से सब्जी लेकर आया ही था कि उसे सूचना मिली की राजा और निरोज टंकी में उतरे हैं और वहीं पर बेहोश हो गया है. फुटिंग तुरंत टंकी के पास चला गया. हालांकि उसे उसके घरवाले रोक रहे थे लेकिन वह रूका नहीं, शायद उसकी मौत उस पर सवार थी. फुटिंग की मौत हो जाने की सूचना जैसे ही पत्नी पूनम देवी को मिली तो वह पूरी तरह बेसुध हो गई. जब उसे होश आया रहा था तो वह चीत्कार कर उठती थी. मृतक की पत्नी पूनम बाबर बार सिर्फ यही कह रही थी कि अब इन छोटे छोटे बच्चों की देख भाल कौन करेगा. मालूम हो कि फुटिंग पर उसके पांच बच्चों रश्मि, सोनी, करिश्मा, अविनाश और राजन का भी रो रो कर बुरा हाल है तो दूसरी तरफ उसकी बूढ़ी मां का रो रो कर बुरा हाल है.

उजड़ गयी मुन्नी की दुनियां
35 वर्षीय निरोज मंडल की पत्नी मुन्नी देवी रो रो कर अपने भाग्य पर आंसू बहा रही थी. एक तरफ मुन्नी देवी निर्धारण कर रही थी तो दूसरी तरफ उसके छोटे बच्चों को यह समझ नहीं आ रहा था कि आखिर हुआ क्या है. उसके बच्चे लगातार उसके आंखों के आंसू को पूछ रहे थे तो मुन्नी चीख-चीखकर कर रही थी कि उसकी दुनिया उजड़ गई. निरोज महतो दिहाड़ी मजदूरी करता था. मजदूरी कर ही अपने परिवार का भरण पोषण करता था. अपने परिवार में नीरज ही एक कमाऊ था. निरोज को तीन लड़की साक्षी, पल्लवी एव संध्या एव पांच माह का पुत्र धर्म वीर है. नीरज की सबसे बड़ी लड़की महज 6 वर्ष की है.

होनहार लड़का था राजा
बिंदेश्वरी मंडल उर्फ बुलो मंडल के दूसरा पुत्र राजा उर्फ अजीत काफी होनहार था. वह इंटर का छात्र था. परिवार के लोगों को भरोसा था कि राजा पर लिखकर परिवार का नाम रोशन करेगा. आर्थिक तंगी के बाद वह मन लगाकर पढ़ाई किया करता था. गांव के लोगों के बीच भी वह काफी मिलनसार था. उसकी मृत्यु हो जाने के बाद राजा को जानने वाला हर कोई गहरे सदमे में है. राजा के दो भाई रंजीत और राजीव का भी रो रो कर बुरा हाल है तो उसके पिता अपने जवान पुत्र की लाश को देख पाने की भी स्थिति में नहीं है तो दूसरी तरफ उसकी मां दहाड़ मार कर रोए जा रही है. राजा की मौत पर गांव के सहपाठी भी शोक संतप्त है.
रक्षा बंधन में आने वाली थी बहने, घटना की सूचना मिलते ही सभी भाइयों को देखने निकली
बहनों ने भाइयों के लिये राखी खरीद चुकी थी. रक्षा बंधन में भाइयों को मायके आकर राखी बांधने की तैयारी थी. लेकिन शुक्रवार को सूचना मिलते ही सभी बभनगामा पहुंच चुकी थी. सभी का रो रो कर बुरा हाल था


