लगातार गंगा का जलस्तर बढ़ने से नाथनगर के दियारा के कई गांव पानी से घिर गये हैं. लोगों के घर तक पानी पहुंच गया है. यह हाल शंकरपुर, बैरिया, अमरीविशनपुर आदि पंचायतों के करीब दर्जन भर गांवों की है. लोग माल-मवेशी लेकर सुरक्षित स्थानों पर जाने लगे हैं. लोगों ने बताया कि गांव के चारों ओर खेत जलमग्न हो चुके हैं. पानी लोगों के घर घुसने में अब कम ही समय बचा है. चारों ओर पानी फैलने से लोगों का मुख्य बाजार जाने का रास्ता ध्वस्त हो चुका है.

एक गांव से दूसरे गांव व खेत खलिहान जाने का रास्ता डूब चुका है. आवागमन के लिए नाव ही एक सहारा बचा है, जिसके सहारे लोग आ जा रहे है. लोगों को मुख्य मार्ग आने-जाने में काफी समय लग रहा है. प्रशासन ने परिचालन के लिए शंकरपुर में पांच नाव दिया है. लोगों की आबादी इतनी अधिक है कि पांच नाव पर्याप्त नहीं है. ग्रामीण और नाव की जरूरत बता रहे हैं. बुधवार को ग्रामीण सीओ के पास पहुंचे, सीओ ने फिलहाल उसी से काम चलाने की बात कह नाव देने से मना कर दिया. ओवरलोडिंग पर निगरानी के लिए प्रशासन के कोई कर्मी तैनात नहीं है.


जान पर खेलकर लोग जुटा रहे हैं मवेशी का चारा

लगभग 3000 हेक्टेयर भूमि में फैला नाथनगर का दियारा क्षेत्र इन दिनों प्राकृतिक आपदा बाढ़ की चुनौतियों से जंग लड़ रहा है. प्रभात खबर की टीम ने बुधवार की सुबह से लेकर शाम तक लगातार छह घंटे तक लगभग दस किलोमीटर उफनती गंगा के तेज धार को पार करते हुए नौका से जलमग्न टापू बने गांव का दौरा कर हालात का जायजा लिया.टीम सबसे पहले लालुचक गांव पहुंची. यहां बिना एप्रोच पथ बने जमुनिया नदी के पुल के पास पानी भर जाने के कारण आवागमन बंद था. प्राथमिक विद्यालय लालूचक स्कूल के बच्चे घुटने भर पानी में डूब कर स्कुल जा रहे थे. इसके बाद हमलोग नवनिर्मित श्रीरामपुल होते हुए श्रीरामपुर गांव पहुंचे. यहां भी गांव के चारों ओर पानी भरा हुआ था

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By न्यूज़ डेस्क

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