पटना : देश की सबसे बड़ी और सुविधाजनक ट्रेन मानी जानी वाली राजधानी एक्सप्रेस हो या फिर दानापुर मंडल की प्रमुख ट्रेनें, कोई सुरक्षित नहीं है. क्योंकि इन दिनों सभी प्रमुख ट्रेनें अपराधियों के निशाने पर हैं. आये दिन चोरी और डकैती की हो रही घटनाओं ने रेलवे सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है. इसका ताजा उदाहरण 10 सितंबर को पटना-मोकामा रेल खंड पर देखने को मिला, जहां पूर्णिया कोर्ट से पटना आ रही कोसी सुपर एक्सप्रेस को डकैतों ने निशाना बनाया और यात्रियों को रिवाल्वर के बट से मार कर घायल कर दिया.
इतना ही नहीं, डकैतों ने एसी से लेकर स्लीपर कोच तक में यात्रा करने वाले यात्रियों के साथ लूटपाट को अंजाम भी दिया. इस तरह की घटना सिर्फ कोसी सुपर एक्सप्रेस के साथ ही नहीं, बल्कि दानापुर मंडल से गुजरने वाली अधिकतर ट्रेनों में है. रेलवे पुलिस की लापरवाही का नतीजा है कि यात्री दहशत में यात्रा करने को मजबूर हो गये हैं. दानापुर-मुगलसराय व दानापुर-हावड़ा रूट पर सबसे अधिक घटनाएं हो रही हैं.

एस्कॉर्ट के बाद भी चोरी व डकैती
पटना जंक्शन से खुलने वाली राजधानी एक्सप्रेस, संपूर्ण क्रांति, राजेंद्र नगर-हावड़ा, मगध, पटना-हटिया आदि ट्रेनों में निरंतर एस्कॉर्ट किया जाता है. बावजूद इन ट्रेनों में चोरी व डकैती की घटनाएं हो रही हैं. इतना ही नहीं, पटना जंक्शन से गुजरने वाली थ्रू ले लेन की ऐसे कई ट्रेनें हैं, जिनको मुगलसराय स्टेशन पर एस्कॉर्ट किया जाता है. वहीं सुरक्षा बल लौटते वक्त दूसरी ट्रेन को एस्कॉर्ट कर पटना से होते हुए गंतव्य स्टेशन लेकर आते हैं. इस तरह की समस्या रोजाना देखने को मिल रही है.

40 प्रतिशत पुलिस जवानों की कमी
पटना जंक्शन से प्रस्थान करने वाली सभी ट्रेनों में एस्कॉर्ट नहीं हो पाता है, क्योंकि दानापुर मंडल में जवानों की भारी कमी है. जिस तरह से ट्रेन व यात्रियों की संख्या बढ़ी है, उसके अनुसार रेलवे सुरक्षा बलों में वृद्धि होनी चाहिए़ लेकिन वह नहीं हुई. मंडल में 40% जवानों की कमी है. वर्तमान में 250 से अधिक जवानों के पद खाली हैं. दानापुर मंडल में यही जवान प्रत्येक दिन बदल कर कई ट्रेनों के एस्कॉर्ट में शामिल होते हैं, जबकि महिलाओं की सुरक्षा के लिए महिला सुरक्षा बल को भी लगाया जाता है.

हथियार के बल पर होती रही हैं घटनाएं
ट्रेन में डकैती या लूट की घटनाओं को अंजाम देने वाले अपराधी बेहद शातिर होते हैं. पूरी प्लानिंग के साथ हो डकैती व लूट की घटनाओं को अंजाम देते हैं. अभी हाल ही में कोसी सुपर एक्सप्रेस में हुई घटना को अंजाम देने वाले अपराधियों ने बंदूक के बल पर यात्रियों को लूटा. इतना ही नहीं, राजधानी एक्सप्रेस हो या फिर मगध एक्सप्रेस, इन ट्रेनों में हथियारों से लैस अपराधी घटना को अंजाम देते हैं. बड़ी बात तो यह है कि पिछले तीन साल के अंदर राजधानी एक्सप्रेस, गरीब रथ, पुणे-पटना स्पेशल समेत कई ट्रेनों में लूट की वारदातें हो चुकी हैं, जिनमें कई मामलों का खुलासा भी नहीं हो सका है.
26 अप्रैल, 2017 :जमुई जिले के गिद्धौर स्टेशन के पास तूफान एक्सप्रेस में अज्ञात अपराधियों ने लूटपाट करते हुए व्यवसायी को गोली मार कर घायल कर दिया. डेढ़ लाख नकद लूटा.


