नवगछिया : बिहारी अतिथि सदन के प्रशाल में सोमवार को कलवार समाज के कुलदेवता श्री बलभद्र भगवान का पूजा अर्चना की गई. पूजन को सार्थक बनाने हेतु श्री बलभद्र भगवान की कृपा से कलवार युवा मंच की उत्पत्ति हुई. भगवान बलभद्र पूजा में उपस्थित कलवार समाज की उपलब्धि कारगर हुई. जिसमें युवा मंच के द्वारा कलवार समाज के बच्चों एवं बच्चियों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया. जिसमें खेल, नृत्य, गायन एवं भाषण प्रतियोगिता आयोजित किया गया.
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इस आयोजन में बच्चों ने अतिथियों का खूब मनोरंजन कर तालियां बटोरी. सभी सफल प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया. भगत व्याहुत कलवार महासभा के संरक्षक प्रवीण भगत ने बताया कि भगवान बलभद्र हलधर, संकर्षण आदि के नाम से जाने जाते हैं. बलभद्र के सगे सात भाई बहनों में से सुभद्रा भी एक थी जिन्हें चित्रा भी कहते हैं. इनका विवाह रेवत की कन्या रेवती से हुआ था. उन्होंने बताया कि रेवती 21 हाथ लंबी थी और बलभद्र जी ने अपने हल से खींच कर इन्हें छोटा किया था.

इन्हें नागराज अनंत का अंश कहा जाता है. मौके पर मुख्य अतिथि के रुप में पूर्व मुखिया सुरेश भगत एवं त्रिपुरारी कुमार भारती उपस्थित हुए. समाजसेवी बच्चा प्रसाद जी ने कहा कि सांगठनिक एवं सामाजिक जीवन की मांग ये है कि बलभद्र पूजा का आध्यात्मिक, धार्मिक, सामाजिक एवं राजनीतिक महत्व है. ऐसे आयोजनों से समाज को संगठित करने का मौका मिलता है. इस अवसर पर युवा मंच सभी सदस्य मौजूद थे.

