भागलपुर। उत्तर और दक्षिण बिहार को जोड़ने वाले महत्वपूर्ण विक्रमशिला सेतु के मरम्मत कार्य को लेकर जिला प्रशासन ने वैकल्पिक फेरी सेवा की तैयारियां तेज कर दी हैं। सेतु के दोनों किनारों के बीच नियमित नाव और क्रूज सेवा संचालित करने की योजना है, ताकि पुल पर आवागमन प्रभावित होने के दौरान लोगों को आने-जाने में परेशानी कम हो।
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जिलाधिकारी अलंकृता पांडेय ने नगर निगम, पुलिस, पथ निर्माण, पुल निर्माण, जल संसाधन, परिवहन, स्वास्थ्य और जीविका समेत संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक व्यवस्थाएं समय पर पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
डीएम ने हाल में बरारी सीढ़ी घाट, बरारी फेरी घाट, सबौर के राजंदीपुर घाट और नवगछिया की ओर जहान्वी चौक घाट का निरीक्षण कर तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने घाटों तक पहुंचने वाले संपर्क मार्गों के निर्माण और चौड़ीकरण को निर्धारित मानकों के अनुसार पूरा करने का निर्देश दिया, ताकि भारी वाहनों और एंबुलेंस के आवागमन में परेशानी नहीं हो।

घाटों से हटेगा अतिक्रमण, बढ़ेगी सुरक्षा
प्रशासन ने घाटों तक पहुंचने वाले संपर्क मार्गों से अतिक्रमण हटाने, पर्याप्त रोशनी और नियमित साफ-सफाई की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा है।
फेरी सेवा के दौरान भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रमुख घाटों पर लेनवार बैरिकेडिंग की जाएगी। पैदल यात्रियों और वाहनों के लिए अलग-अलग कतार की व्यवस्था होगी। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए घाटों पर अस्थायी पुलिस थाना और प्रशासनिक नियंत्रण कक्ष बनाए जाएंगे।
इसके अलावा 24 घंटे मेडिकल कैंप की व्यवस्था, यात्रियों के लिए प्रतीक्षालय और जीविका दीदी की रसोई संचालित करने की योजना है। पूरे घाट परिसर को सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में रखा जाएगा।
बिना लाइफ जैकेट फेरी में सफर नहीं
प्रशासन ने फेरी सेवा में यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की बात कही है। नाव और क्रूज पर चढ़ने-उतरने के लिए सुरक्षित रैंप बनाए जाएंगे। प्रत्येक यात्री के लिए लाइफ जैकेट पहनना अनिवार्य होगा।
नावों में निर्धारित क्षमता से अधिक यात्रियों को बैठाने की अनुमति नहीं होगी। किसी तकनीकी खराबी या आपात स्थिति से निपटने के लिए एसडीआरएफ की टीम आधुनिक मोटरबोट के साथ गंगा में गश्त करेगी।
सुबह 6 से शाम 6 बजे तक चलेगी सेवा
प्रस्तावित फेरी सेवा का परिचालन सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक किया जाएगा। शाम 5 बजे के बाद घाटों से नावों के रवाना होने की अंतिम व्यवस्था रखी जाएगी, ताकि शाम 6 बजे तक सभी नावों का परिचालन समाप्त हो सके और रात में गंगा नदी में कोई नौका न रहे।
यात्रियों की सुविधा के लिए पारदर्शी कूपन और टिकट वितरण प्रणाली लागू करने की भी तैयारी है। प्रशासन का उद्देश्य पुल मरम्मत के दौरान वैकल्पिक फेरी व्यवस्था के जरिए यात्रियों के आवागमन को व्यवस्थित और सुरक्षित बनाए रखना है।
