बिहार बोर्ड ने इंटर प्रैक्टिकल परीक्षा 2019 के लिए होम सेंटर फिर से लागू कर दिया है। यानी अगले साल इंटर की परीक्षा के लिए होने वाला प्रैक्टिकल छात्र अपने ही स्कूल और कॉलेज में देंगे। बोर्ड अध्यक्ष आनंद किशोर ने शुक्रवार को बैठक में प्राचार्यों को यह जानकारी दी।

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उन्होंने बताया कि चूंकि 2018 में अधिकतर कॉलेजों में प्रैक्टिकल के लिए समुचित लैब की व्यवस्था नहीं थी। इस कारण प्रैक्टिकल के लिए होम सेंटर को हटाया गया था। प्रैक्टिकल वहीं करवाया गया जहां पर लैब की सुविधा थी। लेकिन इस बार राज्य सरकार ने सभी माध्यमिक और उच्च माध्यमिक स्कूलों में लैब के लिए 220 करोड़ रुपये की राशि उपलब्ध कराई है। इससे सभी स्कूलों में भी लैब की सुविधा हो गयी है। इसलिए इस बार प्रैक्टिकल के लिए होम सेंटर ही होगा। बैठक में परीक्षा संचालन और त्रुटिपूर्ण मूल्यांकन को लेकर विचार विमर्श किया गया।

स्कूल शिक्षक बनेंगे इंटरनल एग्जामिनर
प्रैक्टिकल परीक्षा के होम सेंटर के साथ संबंधित स्कूल के ही शिक्षक को इंटरनल एग्जामिनर बनाया जायेगा। वहीं एक्सटर्नल एग्जामिनर दूसरे स्कूल के संबंधित विषय के शिक्षक होंगे। बोर्ड के अनुसार इस व्यवस्था से छात्रों की उत्तीर्णता प्रतिशत बढ़ेगी।

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