पूर्णिया. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य में कॉलेज शिक्षकों की कमी जल्द समाप्त करने का भरोसा दिया है। सोमवार को पूर्णिया विश्वविद्यालय के लिए 37 एकड़ जमीन का दस्तावेज सौंपने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में बड़ी संख्या में शिक्षकों की जरूरत है।
शिक्षकों के रिटायरमेंट के कारण यह संख्या लगातार घटती चली जा रही है। इसे देखते हुए बिहार राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग का गठन करके जल्द से जल्द बहाली कर लेने का प्रयास किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि फिलहाल 3,350 पदों पर शिक्षकों की नियुक्ति की कार्रवाई हो रही है। अब तक 1,424 पदों पर नियुक्ति की अनुशंसा मिली है। शेष पदों के लिए भी शीघ्र अनुरोध किया गया है। जब तक हमारी युवा पीढ़ी शिक्षित नहीं होगी, विकास का फल नहीं दिखेगा।

हम चाहते हैं कि जितनी भी शिक्षण संस्थाएं हैं उनमें पूरी स्वायत्तता रहे। हमारा सपना है कि बिहार फिर से ज्ञान की भूमि बने और हम अपने उस पुराने गौरव को प्राप्त करें। समाज मे आपसी सौहार्द्र, भाईचारा और प्रेम का माहौल कायम रहेगा तो बिहार बहुत आगे बढ़ेगा। अगर आपस मे झगड़ा या विवाद होगा तो विकास कार्यों का फायदा नहीं मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने छात्र-छात्राओं को दिलाया संकल्प – हम पढ़ेंगे तो बिहार बढ़ेगा
नीतीश कुमार ने कहा-पूर्णिया में मेडिकल कॉलेज के लिए भी टेंडर किया जा चुका है। जल्द ही इसके निर्माण का काम शुरू हो जाएगा। उन्होंने समारोह में मौजूद हजारों छात्र-छात्राओं को हाथ उठाकर संकल्प दिलाया कि वह मन से पढ़ाई करें। आप पढ़ेंगे तो बिहार आगे बढ़ेगा।
युवाओं की मदद के लिए सरकार हमेशा तत्पर है। समारोह को ऊर्जा मंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव, शिक्षा मंत्री कृष्णनंदन प्रसाद वर्मा, कला संस्कृति मंत्री कृष्ण कुमार ऋषि, आपदा प्रबंधन मंत्री दिनेश चंद्र यादव और पूर्णिया विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राजेश सिंह ने भी संबोधित किया।
दुनिया की कोई ताकत आरक्षण खत्म नहीं कर सकती : नीतीश
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी के बहकावे में आने की जरूरत नहीं है। दुनिया की कोई ताकत आरक्षण खत्म नहीं कर सकती। न्याय के साथ विकास के प्रति हमारी प्रतिबद्धता है। हर तबके और हर इलाके का विकास हो, इसके लिए हमारी योजनाएं यूनिवर्सल होती हैं ताकि विकास का लाभ हर व्यक्ति तक पहुंचे। समाज में प्रेम का माहौल कायम करने में अपने दायित्वों का निर्वहन करेंगे।


