नवगछिया : रंगरा प्रखंड के भवानीपुर स्थित मां काली मंदिर में गुरुवार को पहली बार रात्रि में देव दीपावली मनाई जाएगी. वैदिकचार्य पंडित प्रभात झा ने बताया कि देव दीपावली के विषय में अनेकों पुराणों में चर्चाएं मिलती है. पद्म पुराण के आधार पर हरि शयनी एकादशी से देवोत्थान एकादशी तक चतुर्मास व्रत संयम योगी, सन्यासी, संतो के लिए विहित है. जिसकी पूर्णता की उपलक्ष्य में देव दीपावली मनाई जाती है.
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– कार्तिक पूर्णिमा को देवताओं ने मनाई थी देव दीपावली
– इक्कीस सौ दिए जलाकर मनाई जाएगी देव दीपावली और साथ ही होगा भजन कीर्तन
एक प्रचलित कथानुसार भगवान शंकर ने त्रिपुर नामक दैत्य का वध करके देवताओं का कल्याण किया था जिस उपलक्ष में देवताओं ने कार्तिक पूर्णिमा को देव दीपावली मनाई थी.

भवानीपुर काली मंदिर में इक्कीस सौ मिट्टी के दिए में तिल के तेल से प्रकांड विद्वानों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार व धूप-नवैध आरती कर देव दीपावली मनाई जाएगी. देव दीपावली के अवसर पर भजन मंडली द्वारा भक्ति में भजन की भी प्रस्तुति की जाएगी.

