नवगछिया : चिकित्सक के पिटाई के विरोध में नवगछिया अनुमंडल अस्पताल में गुरुवार को ओपीडी सेवा पूर्णता बंद रही. ओपीडी में एक भी मरीज का इलाज नहीं किया गया ना ही किसी भी मरीज का चिट्ठा निर्गत किया गया. ओपीडी बंद होने के कारण मरीजों को बिना इलाज के हैं वापस घर लौटना पड़ा. जिस कारण मरीजों को घोर परेशानियों का सामना करना पड़ा. मालूम हो कि नवगछिया अनुमंडल अस्पताल में प्रति दिन ओपीडी में दो शिफ्ट में सात से आठ सौ मरीज इलाज के लिए अस्पताल आते हैं.
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ओपीडी सेवा बंद रहने से सैकड़ों मरीज अस्पताल इलाज के लिए आए लेकिन उन्हें बिना इलाज के ही वापस लौटना पड़ा. वहीं अस्पताल में इमरजेंसी सेवा पूर्ववत चल रही थी. सुबह आठ बजे से दोपहर दो बजे तक डॉक्टर जोत्सना झा, डॉक्टर ज्ञान रंजन इमरजेंसी सेवा में थे. वहीं दो बजे बाद डॉ ए के सिन्हा आपातकालीन सेवा में थे. चिकित्सकों ने कहा कि भोजपुर में हुई घटना निंदनीय है चिकित्सकों के साथ इस तरह का व्यवहार बर्दाश्त करने योग्य नहीं है. डाक्टरों ने बिहार हेल्थ सर्विस एसोसिएशन के आह्वान पर बहिष्कार किया.

डीएस डाॅ. वीपी राय ने बताया कि हमलोग सभी डाक्टरों ने इमरजेंसी सेवा का काम किये. ओपीडी सेवा का बहिष्कार किया गया. जिसको लेकर ओपीडी सेवा पूरी तरह बाधित रही. वहीं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रंगरा में चिकित्सकों की हड़ताल की वजह से स्वास्थ्य सेवा ठप पड़ गई है. ओपीडी एवं इमरजेंसी सेवा भी बाधित हो गई है. जिसकी वजह से क्षेत्र के दर्जनों गांवों से इलाज कराने के लिए प्रतिदिन पहुंचने वाले अमूमन 200 रोगियों को बिना इलाज कराए हीं बैरंग वापस अपने घर लौटना पड़ा.

