नवगछिया : रंगरा चौक के समीप निर्माणाधीन प्रखंड कार्यालय भवन में राजमिस्त्री के साथ काम कर रहे एक 35 वर्षीय मजदूर की तीन मंजिले छत से गिर जाने से मौके पर ही मौत हो गई. घटना के बाद आनन-फानन में मृतक के साथ काम कर रहे अन्य साथी मजदूरों द्वारा उसे उठाकर समीप के रंगरा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया. मगर चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया. हादसे के शिकार हुए मृतक मजदूर की पहचान रंगरा थाना क्षेत्र अंतर्गत सधुआ चापर पंचायत के रणसी टोला निवासी डोमी यादव के 35 वर्षीय पुत्र पंकज यादव के रूप में की गई है.
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घटना की सूचना मिलने पर घटनास्थल पर पहुंचे रंगरा थानाध्यक्ष जवाहर लाल सिंह ने घटना की जांच की और लाश को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए नवगछिया अनुमंडलीय अस्पताल भेज दिया. पोस्टमार्टम के बाद रंगरा पुलिस द्वारा शव को परिजनों को सौंप दिया गया. मिली जानकारी अनुसार मृतक मजदूर निर्माणाधीन प्रखंड कार्यालय के भवन के तीसरी मंजिल पर राजमिस्त्री के साथ काम कर रहा था. इसी दौरान ठेकेदार के मुंशी के कहने पर तीसरी मंजिल के छत से वे सीढ़ी लेकर नीचे उतर रहे थे.
इसी दौरान सीढ़ी से उतरते समय उनका पैर फिसल गया और वह नीचे गिर पड़ा. जिसके फलस्वरूप मौके पर ही उनकी मौत हो गई. वहीं दूसरी ओर घटना के बाद मृतक के घर में कोहराम मचा हुआ है. घटना की सूचना मिलने के बाद अनुमंडलीय अस्पताल पहुंची मृतक की पत्नी रूबी देवी का रो रो कर बुरा हाल है. परिजन उसे संभालने में लगे हुए थे. परिजनों के रुदन क्रंदन की चित्कार से पूरा नवगछिया अनुमंडल अस्पताल का माहौल गमगीन हो गया. बताया जा रहा है कि मृतक पंकज की पत्नी रूबी देवी शारीरिक रूप से दिव्यांग है और उसे छोटे-छोटे दो पुत्री और एक पुत्र है. अपनी विकलांग पत्नी एवं तीन छोटे-छोटे बच्चों का भरण पोषण करने वाला मृतक ही एकमात्र सहारा था.

,, परिजनों ने ठेकेदार पर लगाया लापरवाही काआरोप
परिजनों ने ठेकेदार पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा है कि बेगूसराय बिशनपुर के ठेकेदार सुरेंद्र सिंह के द्वारा प्रखंड कार्यालय भवन का निर्माण कराया जा रहा है. पंकज इसी निर्माणाधीन भवन के तीसरी मंजिल पर राजमिस्त्री के साथ काम कर रहे थे. पंकज की मौत ठेकेदार की लापरवाही की वजह से हुई है. परिजनों द्वारा बताया गया कि सीढ़ी पर बिना रेलिंग लगाए हुए ठेकेदार ने तीन मंजिले भवन पर काम शुरू कर दिया. जिसके चलते ऐसी घटना घटी. अगर सीढ़ी पर रेलिंग लगी हुई रहती तो तीन मंजिले छत से नीचे उतरने के दौरान मृतक पंकज की पैर फिसलने से मौत नहीं होती.
वहीं दूसरी ओर घटना के बाद ठेकेदार द्वारा मृतक के परिजनों को अबतक किसी प्रकार का मुआवजा नहीं दिया गया था, ना ही स्थानीय प्रशासन द्वारा अभी तक किसी प्रकार की सरकारी सहायता दी गई है. जिसके फलस्वरूप घटना को लेकर ग्रामीणों एवं परिजनों के बीच स्थानीय प्रशासन एवं ठेकेदार के विरुद्ध काफी आक्रोश देखा जा रहा है.

