सदर अस्पताल समेत जिले के सभी सरकारी अस्पतालों में तैनात 42 डॉटा इंट्री ऑपरेटर कभी भी काम से हटाये जा सकते हैं। इनकी बहाली करने वाली एजेंसी ने टेंडर के तहत मिल रहे मौजूदा रेट पर जीएसटी के साथ-साथ डाटा इंट्री ऑपरेटर को इपीएफ देने में असमर्थता जता दी है और साथ एजेंसी ने कह दिया है कि ऐसे में वह काम नहीं कर सकती है और वह 42 डॉटा इंट्री ऑपरेटर को हटाने जा रही है।
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अगर ऐसा हुआ तो कभी भी सदर अस्पताल से लेकर अनुमंडल व रेफरल अस्पताल व पीएचसी में मरीजों की पर्ची बनना बंद हो सकती है। यहां तक दवाओं का ऑनलाइन स्टॉक का रिकॉर्ड रखना भी मुश्किल हो जायेगा।

गौरतलब हो कि जिला स्वास्थ्य समिति को लिखे पत्र में प्रभा सॉफ्टवेयर एंड टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड कंपनी ने कहा कि वह सरकारी अस्पतालों में तैनात अपने सभी 42 डॉटा इंट्री ऑपरेटर को हटाने जा रही है। ऐसे में कंपनी के कार्यरत डॉटा इंट्री ऑपरेटर खुद को कार्य मुक्त होने की अग्रिम सूचना समझे।

