नवगछिया : रंगरा थाना क्षेत्र के मुरली गांव में राष्ट्रीय राजमार्ग 31 के समीप मुरली चौक पर मंगलवार की शाम के लगभग साढ़े सात बजे जलकर विवाद में मुरली गांव के प्रदीप कुमार सिंह उर्फ पप्पू सिंह(35) को अपराधियों ने गोलियों से भून डाला. अपराधियों ने पप्पू के सीने में, हथेली पर और पेट सहित अन्य जगहों पर कुल 5 गोली मारी गई है. घटना के तुरंत बाद स्थल पर ही पप्पू की मौत हो जाने की बात कही जा रही है. परिजनों ने बताया कि गांव की ओर से एक ही मोटरसाइकिल पर सवार होकर तीन शूटर मुरली चौक पर आ धमके. इस क्रम में पप्पू मुरली चौक के पास विवादित जलकर के पास खड़ा था. उस समय विकास सिंह नाम का युवक जलकर में जाल गिरा रहा था. जब तक पप्पू कुछ समझ पाता तब तक अपराधियों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी. मोटरसाइकिल से आए अपराधियों में से एक मोटरसाइकिल पर ही रहा जबकि दो अपराधियों ने ताबड़तोड़ गोली चलाई.
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– देर शाम सााढ़े सात बजे
– मोस्ट वांटेड देबना सिंह गिरोह की करतूत
– पिछले वर्ष छः अक्टूबर को देवना सिंह गिरोह ने ही डीलर तारणी सिंह की कर दी थी हत्या
पांच गोली मारने के बाद जब अपराधी आश्वस्त हो लिए कि पप्पू मारा जा चुका है फिर दोनों अपराधी मोटरसाइकिल पर बैठकर गांव की ओर ही भाग गए. कुछ ग्रामीणों का कहना है कि अपराधी मोटरसाइकिल के साथ गांव के दक्षिण दिशा की ओर भागे थे. ग्रामीणों के साथ साथ पुलिस को भी देवना सिंह गिरोह पर शक है. हालांकि देर रात तक पुलिस परिजनों से पूछताछ कर रही थी और परिजनों के बयान को कलमबद्ध भी किया जा रहा था. मालूम हो कि पिछले वर्ष 6 अक्टूबर को मुरली गांव के ही डीलर तारिणी सिंह की गोली मारकर देवना सिंह गिरोह के अपराधियों ने ही हत्या कर दी थी.

तारिणी सिंह हत्याकांड में कुछ आरोपी जेल में है तो मुख्य आरोपी देवनाथ सिंह अभी भी फरार चल रहा है. 4 एकड़ में फैले उसी जलकर के लिए तारिणी सिंह की भी हत्या की गई थी जिस जलकर के लिए पप्पू सिंह को अपराधियों ने मार डाला. घटना की सूचना मिलते ही रंगरा थानाध्यक्ष जवाहरलाल सिंह अपने दल बल के साथ घटना स्थल पर पहुंचे और घटना की तहकीकात की है. देर रात पुलिस लाश को अपने कब्जे में लेकर उसे पोस्टमार्टम के लिए नवगछिया स्थित अनुमंडल अस्पताल भेज दिया गया.
प्रदीप कुमार सिंह उर्फ पप्पू सिंह की हत्या के बाद मुरली गांव के अलावा आस-पास के गांवों में सनसनी फैल गई है. गोलियों की तर्तराहट से पूरा मुरली गांव थर्रा उठा. वहीं दूसरी ओर घटना के बाद मृतक के घरों में कोहराम मचा हुआ है. मृतक की पत्नी सोनी देवी एवं परिजनों का रो रो कर बुरा हाल है. मृतक चार भाइयों में से सबसे बड़ा था. मृतक को दो पुत्री और एक पुत्र है. घटना की बाबत गांव के लोग कुछ भी बोलने से इंकार कर रहे हैं. पूरे मुरली गांव में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है.

जलकर विवाद को लेकर घात प्रतिघात की लड़ाई में मुरली में गिर रही है लाशें
जलकर विवाद को लेकर कई वर्षों से दो पक्षों में चल रही लड़ाई एवं घात प्रतिघात में मुरली में अब तक तीन तीन लोगों की लाशें गिर चुकी है. मृतक प्रदीप कुमार सिंह उर्फ पप्पू सिंह की हत्या मुरली चौक पर स्थित चार बीघा के जल कर विवाद को लेकर की गई है. जिसमें 3 माह पूर्व डीलर तारणी सिंह की हत्या हुई थी. बताया जा रहा है कि मृतक डीलर तारिणी सिंह का समर्थक माना जाता रहा है. मिली जानकारी अनुसार लगभग 6 वर्ष पूर्व जलकर विवाद में ही पप्पू सिंह के पिता रामरूप सिंह की अज्ञात अपराधियों द्वारा गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. वहीं दूसरी ओर इसी जलकर विवाद को लेकर मुरली गांव के तारिणी सिंह एवं देवना सिंह के बीच कई वर्षों से जलकर को लेकर दोनों पक्षों में विवाद चल रहा है.
इसी विवाद के चलते हाल ही में तीन माह पूर्व डीलर तारिणी सिंह की अज्ञात अपराधियों द्वारा गांव में ही गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. इसके पूर्व डीलर तारणी सिंह के पक्ष के बाहर से आए हथियारबंद अपराधियों ने देवना सिंह के घर पर जमकर गोलीबारी की थी. जिसमें देवना सिंह ने भाग कर किसी तरह अपनी जान बचाई थी. उसी समय डीलर तारनी सिंह एवं पप्पू सिंह की हत्या की पृष्ठभूमि तैयार हो गई थी. इस हमले का बदला लेने के लिए डीलर तारिणी सिंह की हत्या कर दी गई थी. डीलर तारणी सिंह हत्याकांड में देवना सिंह को नामजद अभियुक्त बनाया गया था. जो अभी पुलिस पकड़ से फरार चल रहा है. देवना सिंह के घर पर गोलीबारी मामले में मृतक नामजद अभियुक्त था. इस मामले में वह जेल गया था और हाल ही में बेल पर बाहर निकला हुआ था.

यह बात आई है सामने
बात यह सामने आई है कि जिस विवादित चलकर को लेकर तीन माह पूर्व डीलर तारणी सिंह की हत्या की गयी थी, उस जलकर पर पिछले वर्ष तारणी का कब्जा था जबकि इस वर्ष देवना का कब्जा था. तारणी सिंह उस जलकर पर दावेदारी दे रहा था जिसके कारण देवना सिंह गिरोह ने उसकी हत्या कर दी. जिस जलकर के लिए तारिणी सिंह की हत्या की उसकी हत्या के बाद उस जलकर पर देवना का कब्जा नहीं हो सका. इसका कारण यह रहा कि देवना हत्या के बाद नामजद होने के कारण फरारी घोषित हो गया और उसके गिरोह के अन्य सदस्य एक-एक कर गिरफ्तार होते चले गए.
लिहाजा स्वाभाविक रूप से तारिणी सिंह के समर्थकों का जलकर पर कब्जा हो गया. बताया जा रहा है कि पप्पू पिछले दिनों जब जेल से बाहर निकला तो उसने सबसे पहले जलकर की ओर रुख किया और चलकर पर अपना कब्जा जमा लिया. पप्पू सिंह तारिणी सिंह के गुट का सदस्य रहा है. इसलिए पप्पू सिंह का जलकर पर शिकारमही करना तारिणी सिंह के अन्य समर्थकों को स्वीकार था. पप्पू का जलकर पर शिकारमही करना देवना सिंह और उसके गिरोह को रास नहीं आया और हत्या जैसे वारदात को अंजाम दिया.
कहते हैं थानाध्यक्ष
रंगरा सहायक थाना क्षेत्र के थानाध्यक्ष जवाहर लाल सिंह ने कहा कि मामले की छानबीन की जा रही है. जल्द ही हत्या में संलिप्त सभी अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा

