विक्रमशिला पुल पर क्षमता से ज्यादा भारी वाहनों के प्रतिबंध लगाए जाने के विरोध में गुरुवार को ट्रक एसोसिएशन द्वारा जीरोमाइल चौक के पास एक दिवसीय धरना दिया। धरना के बहाने ट्रक मालिकों ने पुलिस की कार्यशैली पर प्रकाश डाला। धरना में ट्रक एसोसिएशन के संयोजक श्वेत कमल ने कहा कि अब जिलाधिकारी ने 45 टन तक भार वाले वाहन सेतु पर चलने का आदेश दिया है। 45 टन वाले भार में 14 चक्का वाली गाड़ियां आती है। ऐसे में 18 और 22 चक्का वाली गाड़ियों का क्या होगा? 18 चक्का वाली ट्रक में 46 टन और 22 चक्का वाली ट्रक में 55 टन भार रहता है।
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उन्होंने कहा कि पुलिस वाले ट्रक चालकों से अवैध वसूली करते हैं। कोई भी ऐसा थाना क्षेत्र नहीं है जहां ट्रकों से अवैध वसूली नहीं की जाती हो। माइनिंग के नाम पर पुलिस अवैध वसूली करती है। पुलिस वाले ओवर लोडिंग के लिए उकसाते हैं। जिला प्रशासन बिहार सीमा क्षेत्र में माइनिंग चालान की व्यवस्था करें, ताकि पुलिस ट्रक मालिकों को माइनिंग चालान के नाम पर भयादोहन न करें। गाड़ियों के जांच परिवहन व माइनिंग विभाग करे, पुलिस नहीं।

धरना में भागलपुर सहित नवगछिया, खगड़िया, कटिहार, पूर्णिया, बेगूसराय आदि जिलों के तीन हजार ट्रक मालिक और चालक शामिल हुए। धरना में बबलू सिंह, राजा प्रसाद यादव, रजनीश सिंह, सिंटू यादव, कैलाश यादव, गोपाल साह, रविन्द्र यादव आदि मौजूद थे।
जीरोमाइल के पास ट्रक ऑनरों के धरना को संबोधित करते सांसद बुलो मंडल।
सेतु पर अधिक भार वाले वाहनों से रोक हटाया जाए : सांसद
इधर, धरना पर बैठे लोगों का समर्थन सांसद बुलो मंडल ने भी किया। सांसद ने कहा कि ट्रक एसोसिएशन की लड़ाई में हम साथ हैं। विक्रमशिला सेतु पर अधिक भार वाले वाहन से रोक हटाया जाए। उन्होंने कहा कि दो माह पूर्व ही 14 करोड़ की लागत से विक्रमशिला सेतु की मरम्मत की गई थी। 23 दिनों तक गाड़ियों पर रोक लगाया गया था। मरम्मत के बाद अधिक भार वाले वाहन का सेतु पर परिचालन का आदेश दिया गया था। जिला प्रशासन ने ट्रक मालिकों को भारी नुकसान देने का काम किया है। सांसद ने ट्रक मालिकों से एकजुट रहने को कहा। उन्होंने कहा कि पुलिस वाले अगर अवैध वसूली करते हैं तो सभी एकसाथ उनका विरोध करें।

