भागलपुर: अंजनी कुमार कश्यप, देश के लिए शहीद हुए अमडंडा थाना क्षेत्र के रतनपुर गांव निवासी रतन कुमार ठाकुर का तिरंगे में लिपटा पार्थिव शरीर जब गांव पहुंचा तो मानो जन सैलाब उमड़ पड़ा। शनिवार की दोपहर दो बजकर 5 मिनट हुए थे। शहीद के घर से गांव के मुहाने तक की करीब एक किलोमीटर की दूरी पर तिल रखने भर की जगह नहीं बची थी। लोग घरों की छतों, पेड़ों पर भी अटे पड़े थे। शहीद रतन को लेकर चलने वाली विशेष गाड़ी के आगे और पीछे भी दो किलोमीटर तक की भीड़ शहीद रतन अमर रहे। पाकिस्तान मुर्दाबाद, इमरान खान मुर्दाबाद के नारे लगा रहे थे।
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लोगों में गजब की बेचैनी, अजब का जोश, गुस्सा ऐसा मानो सामने यदि पाकिस्तानी सैनिक सामने दिख जाते तो वे उससे भिड़ जाते। खेतों में काम करने वाले आज खेती का काम छोड़ रतनपुर का रुख कर लिए थे। मदारगंज पंचायत के तीनों गांव मदारगंज, रतनपुर, हरेरामपुर के लोग क्या, बहुसंख्यक क्या अल्पसंख्यक क्या सभी शुक्रवार से ही शहीद रतन के घर का रुख किए हुए थे। सबको रतन के पार्थिव शरीर के पहुंचने का इंतजार था। सबेरे से ही रतनपुर में भीड़ जुट रही थी। सबको पता था कि 10 बजे शहीद रतन का पार्थिव शरीर गांव पहुंचेगा।

लेकिन लोग इतने बेचैन थे कि अल सुबह से ही सारा काम-धंधा छोड़ रतनपुर गांव के बगीचे, सड़क और मोड़ पर इंतजार कर रहे थे। रतनपुर गांव में उमड़े सैलाब को संख्या बल में आंकना कठिन हो रहा था। छोटे बच्चे भी तिरंगा लिए शहीद रतन जिंदाबाद के नारे लगा रहे थे। आसपास के गांवों से बूढ़े बुजुर्ग तक पहुंचे थे। शहीद रतन के प्रति जो स्वफूर्त सम्मान दिखा उससे हरेक मां-बाप की यही चाहत होगी कि उसका लाल भी देश सेवा को समर्पित हो। सबको यही लग रहा था कि रतन अब राम निरंजन ठाकुर का बेटा नहीं बल्कि पूरे देश का बेटा था। मदारगंज चौक से रतनपुर स्थित शहीद रतन के घर तक भीड़ आधा घंटे तक थम गई थी। नेताओं और प्रशासनिक अधिकारियों के आगमन और आवाजाही पर भीड़ नियंत्रित करने में भारी मशक्कत का सामना करना पड़ रहा था।
बावजूद इसके वहां मौजूद हजारों लोगों के मुंह से बस शहीद रतन जिंदाबाद, पाकिस्तान मुर्दाबाद निकल रहा था। किसी को धक्के-मुक्की या गिर जाने पर भी दर्द नहीं हो रहा था। गजब का जज्बा था रतनपुर के रतन के लिए लोगों में। रतनपुर पहुंचने वालों में जिले के कई गांवों से पहुंचने वाले स्थानीय लोगों के अलावा भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सैयद शाहनवाज हुसैन, मंत्री गिरिराज सिंह, मंत्री रामनारायण मंडल, सांसद अश्विनी कुमार चौबे, सांसद कहकशां परवीन, विधायक राम विलास पासवान, एमएलसी डॉ.एनके यादव, पूर्व विधायक कुमार शैलेंद्र, अमन पासवान, भाजपा जिलाध्यक्ष रोहित पांडेय सहित जनप्रतिनिधि और अधिकारी भी शामिल थे।

