नवगछिया : पुलिस जिले की रंगरा पुलिस की कार्यशैली से परेशान, भीम दास टोला तीन टंगा दियारा के लोग शुक्रवार को सड़क पर उतरने को विवश हो गए। रंगरा पुलिस की कार्यशैली के विरोध में दियारा के लोगों ने तिनटंगा डुमरिया पथ पर अपना विरोध जताया और स्थानीय पुलिस प्रशासन के विरुद्ध जमकर नारेबाजी की। इस दौरान लोगों ने कहा कि बच्चे का अपहरण करने वालों के खिलाफ यदि पुलिस ने कार्रवाई नहीं की तो, वे सभी लोग आसन्न लोकसभा चुनाव में वोटिंग भी नहीं करेंगे। लोगों ने एक स्वर से वोट का बहिष्कार कर देने का ऐलान कर दिया।उधर, शुक्रवार को मीडिया से बातचीत में आपबीती सुनाते हुए बच्चे के पिता पीड़ित अरविंद ठाकुर ने पुलिस एक गंभीर आरोप लगाया है। पिता ने बताया कि उनके पुत्र की बरामदगी के बाद जब वे अपने पुत्र का बयान दिलवाने नवगछिया न्यायालय पहुंचे थे तो, कचहरी परिसर में रंगरा थाने के एक पुलिस पदाधिकारी ने उनसे डरा धमकाकर कोर्ट खर्च के नाम पर जबरन ग्यारह सौ रुपए वसूला। पिता ने बताया कि बच्चे का अपहरण हो जाने से वे पहले से ही काफी डरे थे, जब कोर्ट परिसर में पुलिस ने धमकाया तो वे डर गए और 1100 रुपए देकर पुलिस की डिमांड पूरी की। इसके अलावा उन्होंने बताया कि वह पूरे गांव में एक मात्र अल्पसंख्यक परिवार है। घटना के बाद स्थानीय कुछ दबंग मामले को रफा-दफा करने के लिए बार-बार डरा धमका रहे हैं।
एक पुलिस पदाधिकारी पर डरा धमकाकर 1100 रुपए लेने का अमित के पिता ने लगाया आरोप
पुलिस ने बच्चे के बयान को किया नजरअंदाज
11 मार्च को स्कूल जाने के दौरान भीम दास टोला तीन टंगा दियारा निवासी सैलून चलाने वाले अरविंद ठाकुर के 12 वर्षीय बेटे अमित कुमार का अपराधियों ने अपहरण कर लिया था। काफी दबाव के बाद अपहर्ताओं ने अमित को तीन दिन बाद 14 मार्च को मुक्त किया था। स्थानीय पुलिस के अलावा वरीय पदाधिकारियों के समक्ष अमित ने जो बयान दिए वह काफी चौंकाने वाले थे। मगर पुलिस ने उसे नजरअंदाज करते हुए बच्चे के बयान को झूठा बताते हुए उल्टे अपहृत बालक व उसके परिजनों को डरा धमका कर मुंह बंद करा दिया।

अनुमंडल से 2 माह में गुम हुए कई बच्चे
नवगछिया पुलिस जिला अंतर्गत अनुमंडल के विभिन्न गांवों से हाल के पिछले 2 माह के दौरान 10 से 15 वर्ष के कई बच्चों के गुम होने का मामला प्रकाश में आया है। जिनका अभी तक कोई अता-पता नहीं चल पाया है। भास्कर में खबर छपने के बाद बिहपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत भवनपुरा गांव के 2 लोग पिछले महीने गुम हुए अपने बच्चों को खोजने के लिए दियारा पहुंचे थे। लोगों से पूछताछ के बावजूद उनके बच्चों का कोई अता पता नहीं चला।


