शिक्षक नियोजन में अधिक अंक प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों की जगह कम अंक व फर्जी प्रमाणपत्र वाले अभ्यर्थियों का चयन कर लिया गया। पटना हाईकोर्ट के निर्देश पर निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की जांच में इसका खुलासा हुआ है। निगरानी ने इस मामले में 11 लोगों के खिलाफ नौतन थाने में प्राथमिकी दर्ज करायी है।

मामला पश्चिम चम्पारण के नौतन थाना क्षेत्र स्थित पश्चिम नौसा पंचायत का है। 2008 के इस मामले में शिकायत मिलने के बाद हाईकोर्ट ने निगरानी ब्यूरो को जांच का आदेश दिया था। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद हाईकोर्ट ने आरोपितों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया।

जिनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हुई है उनमें पश्चिम नौतन पंचायत के तत्कालीन मुखिया राम भागो देवी, हसीना खातून, पंचायत सचिव मंगल प्रसाद यादव, नंदलाल चौधरी, शिक्षक प्रदीप कुमार पाण्डेय, विश्वनाथ पाण्डेय, तत्कालीन पंचायत सदस्य काशीलाल प्रसाद, शबीर अहमद, शमसुल जमा शामिल हैं।

जांच में पाया गया कि शिक्षक नियोजन पंजी में छेड़छाड़ की गयी है। पंजी में आवेदकों के नाम विवरणी में भी छेड़छाड़ हुई है। चयनित व प्रतीक्षारत आवेदकों की सूची में भी छेड़छाड़ की गई है। शिक्षक प्रदीप कुमार पाण्डेय का चयन फर्जी प्रमाणपत्र के आधार पर किया गया। प्रदीप का इंटरमीडिएट प्रमाणपत्र फर्जी है।

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By न्यूज़ डेस्क

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