नवगछिया : 29 मई को आई तेज आंधी-बारिश ने नवगछिया अनुमंडल में भारी तबाही मचाई है। चक्रवाती तूफान के कारण अनुमंडल में केला, आम, लीची की फसलों की व्यापक क्षति हुई है। इससे अनुमंडल के सातों प्रखंड प्रभावित हुए हैं। लेकिन सबसे ज्यादा क्षति बिहपुर व खरीक प्रखंड में हुई है। आंधी तूफान में बिहपुर व खरीक प्रखंड में दो हजार हेक्टेयर से अधिक में लगी केले की फसल बर्बाद हो गई है। वहीं आम व लीची से लदे हजारों पेड़ भी आंधी में पलट जाने से बर्बाद हो गई है। इसके अलावा नारायणपुर, नवगछिया, गोपालपुर, रंगरा व इस्माइलपुर प्रखंड में भी फसल बर्बाद हुई है। केले, आम व लीची के किसानों की कमर तोड़ कर रख दिया है।

किसान मुआवजे की मांग कर रहे हैं। इसे देखते हुए कृषि विभाग द्वारा सर्वे का कार्य शुरू कर दिया गया है। कृषि विभाग द्वारा सभी सातो प्रखंड में फसल क्षति के आंकलन का कार्य शुरू कर दिया गया है। हालांकि प्रशासन स्तर से किसानों के किसानों को फसल क्षति के मुआवजे की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। जिला कृषि पदाधिकारी ने कहा कि विभाग के सभी पदाधिकारियों व कर्मियों को फसल क्षति के सर्वे में लगाया गया है। सर्वे रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। उन्होंने कहा कि फसल क्षति के सर्वे करने में लापरवाही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

किसान बोले- आम, लीची का भी बीमा कराए सरकार

आंधी तूफान में केले आम व लीची की फसल के बर्बाद हो जाने के बाद जहां किसानों के सामने आत्महत्या जैसे स्थिति उत्पन्न हो गई है। प्रकृति की इस मार से किसान औंधे मुंह गिर गए हैं। आंधी तूफान में किसानों का जो लीची, आम व केले फसल बर्बाद हुआ है। ये तीनों फसल बहुयाती फसल की श्रेणी में आते हैं।

जिसके कारण इन तीनों फसलों का बीमा भी नहीं होता है। बिहपुर के किसान राजमंगल चौधरी, बंटी चौधरी, जामुनिया के राजेंद्र यादव, इस्माइलपुर के अवधेश शर्मा आदि कहते हैं कि एक तरफ सरकार किसानों की आय दोगुनी करने का दावा करती है। दूसरी तरफ किसानों को बहुयाती फसल की बीमा की सुविधा नहीं दी गई है। किसानों ने कहा कि इस वर्ष हुई प्रकृति आपदा से क्षति का सरकार मुआवजा देगी तभी किसानों को कुछ राहत मिल सकती है।

📲 Naugachia News WhatsApp Group Join करें
Join Now →

By न्यूज़ डेस्क

न्यूज़ को शेयर करे और कमेंट कर अपनी राय दे.....

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *