भागलपुर : जुलाई का प्रथम सप्ताह आम-अवाम के साथ-साथ किसानों के लिए भी खुशखबरी लेकर आएगा। मौसम विभाग ने पूर्वानुमान में कहा है कि मानसून फिर सक्रिय हुआ है। इस सप्ताह कभी रिमङिाम तो कभी तेज बारिश की संभावना बनी हुई है। पूरे सप्ताह आसमान में बादल छाए रहेंगे। औसतन 10 से 15 किलोमीटर प्रतिघंटे की गति से उत्तरी-पूर्वी हवा चलेगी। जिससे अधिकतम एवं न्यूनतम तापमान भी गिरकर 31-32 और 26-27 डिग्री सेल्सियस पर आ जाएगा। जिससे उमस भरी गर्मी से भी राहत मिलेगी।
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किसानों को समसामयिक सलाह : बिहार कृषि विश्वविद्यालय के कृषि वैज्ञानिक प्रो. शंभु प्रसाद ने किसानों को सलाह दी है कि धान की बोआई के लिए बिचड़े को अच्छी तरह तैयार और समतल कर ले। उन्नत किस्म के बीजों का इंतजाम कर उसे बोआई के पूर्व उपचारित करने की व्यवस्था करना अनिवार्य है। ताकि बारिश के बाद खेतों में नमी आते ही धान की बिचड़े की बोआई अविलंब समय पर किया जा सके।

भागलपुर : भागलपुर में 50 फीसद और बांका में 73 फीसद सामान्य से भी कम बारिश हुई है। दो-तीन दिनों में यदि अच्छी बारिश नहीं हुई तो धान की खेती प्रभावित होगी।

अब यदि बारिश होती है तो किसान को धान की कम अवधि का प्रवेध का उपयोग करना चाहिए। इससे रबी फसल के प्रभावित होने की संभावना कम होगी। मई के अंत तक जो बारिश होती है किसान नर्सरी में बीज देते हैं। फसल के उत्पादन में उपयुक्त समय चाहिए। इसलिए कम वर्षा होने के कारण किसान को धान की सीधी बुआई करनी चाहिए। इससे कम खर्च में खेती हो सकती है। धान की खेती में अधिक पानी की जरूरत होती है। किसान यदि सही तरीके से खेती करे तो धान की उपज में कोई फर्क नहीं आएगा।

संयुक्त कृषि निदेशक शंकर कुमार चौधरी के अनुसार सामान्य से काफी कम बारिश होने के साथ सिंचाई की समस्या है। इसके कारण धान की बुआई में देरी हो रही है। कम बारिश होने के कारण किसानों को धान की सीधी बुआई करनी चाहिए। इससे कम खर्च में खेती होने के साथ ही पैदावार में भी कोई फर्क नहीं आएगा। कतरनी धान की रोपनी में कमी आइ है। कतरनी धान को बढ़ावा देने के लिए विभाग प्रयास कर रही है। किसानों के बीच जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। किसानों को गुणवत्ता सुधारने के लिए किसानों को बीज उपलब्ध कराया जा रहा है।

