बिहार बोर्ड : प्रश्नपत्र के पैटर्न में 2 साल में दूसरी बार बदलाव
अभी 50 ऑब्जेक्टिव प्रश्न पूछे जाते हैं, सभी का उत्तर देना अनिवार्य है

बिहार बोर्ड ने मैट्रिक और इंटर की वार्षिक परीक्षा के प्रश्नपत्र पैटर्न में एक बार फिर बदलाव किया है। अब दोनों परीक्षाओं में 50 के बदले 60 बहुवैकल्पिक प्रश्न होंगे। छात्रों को 60 में से 50 प्रश्नों का जवाब देना होगा। अबतक 100 अंक के विषय में 50 प्रश्न ऑब्जेक्टिव होते थे। यानी अब ऑब्जेक्टिव प्रश्नों में भी छात्रों को अपनी जानकारी के हिसाब से प्रश्न चुनने का विकल्प रहेगा पहले ऐसा नहीं होता था। बोर्ड अध्यक्ष आनंद किशोर ने बताया कि छात्रों की सहूलियत के लिए यह निर्णय लिया गया है। नए निर्णय के अनुसार 100 अंक के विषय में अब 60 प्रश्न बहुवैकल्पिक होंगे, इनमें से 50 सवालों का जवाब देना है। जबकि 70 अंक के विषय में 42 प्रश्न ऑब्जेक्टिव टाइप के होंगे। इनमें से 35 प्रश्नों का जवाब देना है। यानी हर पेपर में 20% ऑब्जेक्टिव सवालों को बढ़ा दिया गया है।

70 अंक के विषय में 42 प्रश्न ऑब्जेक्टिव होंगे

नये प्रश्नों के प्रारूप के तहत 100 अंक वाले विषयों में 60 प्रश्न एक अंक के होंगे। इसके उत्तर के लिए चार विकल्प दिया रहेगा। इन विकल्प में से एक उत्तर चुनकर परीक्षार्थी को ओएमआर शीट में भरना होगा। इसके अलावा दो-दो अंकों के लघु उत्तरीय और पांच-पांच अंकों के दीर्घ उत्तरीय प्रश्न पूछे जाएंगे।

पैटर्न में बदलाव से रिजल्ट में आया उछाल

बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने मैट्रिक और इंटर की वार्षिक परीक्षा के प्रश्नपत्रों के पैटर्न में पिछले दो साल में दो बार बदलाव किया है। इससे पहले वर्ष 2018 की वार्षिक परीक्षा से 50% प्रश्न ऑब्जेक्टिव पूछे जाने का निर्णय लिया गया था। वर्ष 2018 से पहले तक 40 % वस्तुनिष्ठ प्रश्न पूछे जाते थे। पैटर्न बदलने का फायदा परीक्षार्थियों को मिला। इस बदलाव के बाद बिहार बोर्ड के मैट्रिक और इंटर परीक्षा के रिजल्ट में काफी वृद्धि हुई। ताजा फैसले को भी इसी से जोड़कर देखा जा रहा है।

सभी 60 के जवाब दिए तो शुरू के 50 की जांच

बोर्ड अध्यक्ष ने बताया कि अगर किसी बच्चे ने गलती या जानबूझकर सभी 60 सवालों को टिक कर दिया तो पहले 50 प्रश्नों पर ही उसके अंक जोड़े जाएंगे। ऐसा नहीं होगा कि 60 में से कहीं से सही जवाब होने पर उसे गलत जवाब से रिप्लेस किया जाएगा।

छात्र अधिक नंबर ला सकें इसलिए यह फैसला

आनंद किशोर बोले-विकल्प न रहने से टॉपर भी 1-2 प्रश्नों के गलत जवाब दे देते थे। इससे 100 में 100 अंक नहीं ला पाते थे। इसलिए यह निर्णय लिया गया।

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By न्यूज़ डेस्क

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