Âस्मार्टफोन, लैपटॉप के अलावा दुनिया में अभी 8 अरब स्मार्ट डिवाइसेस हैं
अभिषेक धाभाई इंफरमेशन एंड सायबर सिक्यूरिटी एक्सपर्ट
पिछले हफ्ते सूरत मे स्मार्ट टीवी हैक करने और निजी पलों का वीडियो बनाकर इंटरनेट पर डालने के दो मामले सामने आए हैं। इन घटनाओं ने स्मार्ट डिवाइस यूजर्स को चिंतित कर दिया है। सिर्फ स्मार्ट टीवी ही नहीं बल्कि सभी तरह की ‘इंटरनेट ऑफ थिंग्स’ (आईओटी) डिवाइस के मामले में हमें चौकन्ना रहने की जरूरत है। स्मार्ट टीवी को इंटरनेट से कनेक्ट करना या किसी स्मार्ट डिवाइस को अपनी आवाज की मदद से नियंत्रित करने की तकनीक इंटरनेट ऑफ थिंग्स कहलाती है।
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आज हैकर्स इतने सक्षम हो गए हैं कि ये मेडिकल डिवाइस तक हैक कर यूजर का हार्ट फेल करवा सकते हैं। आईओटी एनालिटिक्स के मुताबिक वर्तमान में दुनियाभर में 8.3 अरब आईओटी डिवाइस हैं जो 2021 तक बढ़कर 11.6 अरब हो जाएंगी। 2018 में 7 अरब आईओटी डिवाइसेज थीं। इन डिवाइसेज में आईओटी शामिल हैं, इनमें स्मार्टफोन, टैबलेट, लैपटॉप और फिक्स्ड लाइन फोन शामिल नहीं हैं। मैकिंसे ग्लोबल इंस्टीट्यूट की रिपोर्ट के अनुसार इस समय दुनियाभर में हर सेकंड 127 नई आईओटी डिवाइस इंटरनेट से कनेक्ट होती है।

क्या-क्या हैक हो सकता है
आमतौर पर एक हैकर को किसी आईओटी डिवाइस को हैक करने में एक मिनट का समय लगता है। ये क्या-क्या कर सकते है-
वाईफाई प्रिंटर्स हैक कर प्रिंट को देख और नियंत्रित कर सकते हैं।
थर्मोस्टेट (एन्वॉयरन्मेंट कंट्रोल सिस्टम या इंटरनेट से जुड़े एसी) को हैक कर घर-दफ्तर के तापमान को नियंत्रित किया जा सकता है।
बेबी मॉनिटरिंग डिवाइस से हैकर वीडियो देख सकता है।
इंटरनेट से जुड़़ी कार को हैक कर उसके स्टीयरिंग, पहिए, जीपीएस, पार्किंग ब्रेक को अपने हिसाब से चलाया जा सकता है।
पेसमेकर और अन्य मेडिकल डिवाइस, जो मरीज के हृदय को नियंत्रित करते हैं, वे भी अब आईओटी पर चलते हैं। पिछले साल अमेरिका के फूड एंड ड्रग्स एडमिनिस्ट्रेशन ने यह माना कि हैकर्स इसको हैक कर हार्ट को फेल कर सकते हैं। या अन्य परेशानी पैदा कर सकते हैं।
स्मार्ट होम है तो लाइट, दरवाजा, कैमरा, एसी, डोरबेल आदि भी हैक कर सकते हैं।

