पटना : मधुबनी जिले के लौकही के कौरयाही गांव में सोमवार को गिरे 15 किलो के उल्का पिंड को राजधानी स्थित मुख्यमंत्री आवास पर लाया गया है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भू-गर्भ शास्त्री को जांच करने के लिए बुलाया है. उन्होंने कहा है कि जांच के बाद उल्का पिंड को बिहार म्यूजियम में रखा जायेगा.

जानकारी के मुताबिक, मधुबनी जिले के लौकही के कौरयाही गांव में सोमवार को गिरे 15 किलो के उल्का पिंड को राजधानी स्थित मुख्यमंत्री आवास एक, अणे मार्ग पर लाया गया है. मुख्यमंत्री ने बुधवार को उल्का पिंड का अवलोकन किया. यह उल्का पिंड चुंबक को आकर्षित कर रही है. इसमें लौह धातु के तत्व प्रचूर मात्रा में मौजूद हैं.

उल्का पिंड का अवलोकन करने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि जांच करने के लिए भू-गर्म शास्त्री को बुलाया गया है. उल्का पिंड को विज्ञान एवं प्रावैधिकी विभाग के जिम्मे सौंप दिया गया है. उन्होंने कहा कि भू-गर्भ शास्त्री की जांच के बाद उल्का पिंड को बिहार म्यूजियम में रखा जायेगा. बताया जा रहा है कि उल्का पिंड की जांच के लिए इसरो की टीम भी आ सकती है.


मालूम हो कि इस उल्का पिंड का वजन करीब 15 किलो है. स्थानीय लोगों का दावा है कि यह आसमान से गिरा है. हालांकि, इसे गिरते हुए किसी ने नहीं देखा़ है. बाद में इसे पुलिस ने जब्त कर थाने ले गयी थी. बताया जा रहा है कि जिस खेत से पत्थर को निकाला गया, वहां करीब तीन फीट गड्ढा बन गया है. स्थानीय लोगों के मुताबिक उल्का पिंड जब गिरा था, तो उसके गिरने की आवाज करीब पांच किलोमीटर दूर तक सुनायी दी थी.

वहीं, बीआरए विवि के भौतिकी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ विजय कुमार ने कहा कि उल्का पिंड की तस्वीर देखने से पत्थर की तरह लग रहा है. यह मैग्नेटिक प्रॉपर्टी हो सकता है. आसमान में चार्ज के कारण लाइटनिंग होता है और लाइटनिंग से मैग्नेटिक प्रॉपर्टी आ सकती है. एटमॉसफियर में इतना हेवी बॉडी कहां से आया, यह जांच के बाद ही स्पष्ट होगा.

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By न्यूज़ डेस्क

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