बनारसीलाल सर्राफ वाणिज्य महाविद्यालय में नैक मूल्यांकन को लेकर रविवार को आयोजित शासी-निकाय की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इसमें महाविद्यालय की आंतरिक व आधारभूत संरचना को समृद्ध करने का निर्णय सबसे महत्वपूर्ण रहा।
साथ ही सर्वसम्मति से शिक्षाविद सह प्रताप विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. डॉ. उग्र मोहन झा को शासी-निकाय का अध्यक्ष और कॉलेज के पूर्व सचिव सह दाता सदस्य डॉ. मृत्युंजय सिंह गंगा को पुनः सचिव के रूप में अनुमोदित किया गया। बैठक के बाद यह जानकारी कॉलेज शासी-निकाय के विश्वविद्यालय प्रतिनिधि प्रो. डॉ दयानंद राय ने सार्वजनिक रूप से दी।


वहीं कॉलेज शासी-निकाय के जनप्रतिनिधि सदस्य विधान पार्षद संजीव कुमार सिंह ने शिक्षक व शिक्षकेतर कर्मियों की विभिन्न मांगों पर समिति द्वारा कई सकारात्मक निर्णय लेने की बात कही। साथ ही बताया कि आज के समसामयिक व पारिस्थितिक संदर्भ में पर्यावरण व जलवायु परिवर्तन संबंधित विषयक पर राष्ट्रीय स्तर का एक सेमिनार जल्द ही आयोजित करने का भी निर्णय लिया गया है। डॉ मृत्युंजय सिंह गंगा ने बताया कि टीएमबीयू का यह संभवतः पहला महाविद्यालय होगा, जहां सभी प्रकार का लेनदेन अब ऑनलाइन किया जा सकेगा।
प्रो. डॉ. उग्र मोहन झा ने बताया कि इस महाविद्यालय में अब जल्द ही स्मार्ट क्लास की व्यवस्था अत्याधुनिक बोर्ड व बैंच डेस्क के साथ शुरू होगी। कहा कि अब यह महाविद्यालय शिक्षा के क्षेत्र में कई नये मुकाम हासिल करेगा। इस पहली बैठक में उक्त के अलावा विश्वविद्यालय प्रतिनिधि प्रो. डॉ दयानंद राय, प्रधानाध्यापक मो. नईम उद्दीन व शिक्षक प्रतिनिधि राजकिशोर सिंह, महाविद्यालय के मीडिया प्रभारी सह जन्तु विज्ञान विभाग के प्रयोगशाला प्रभारी राजेश कानोडिया मौजूद थे।

संस्कृत महाविद्यालय में शासी निकाय का गठन
नवगछिया। महंत वैदेही डालो संस्कृत महाविद्यालय में शासी निकाय की बैठक प्रवीण कुमार की अध्यक्षता में आयोजित की गई। सर्वसम्मति से विश्वविद्यालय प्रतिनिधि डॉ. शैलेंद्र मोहन झा को अध्यक्ष व शिक्षाविद प्रवीण कुमार को सचिव पद पर मनोनीत किया गया। इस अवसर पर प्रधानाचार्य डॉ. बुद्धिप्रकाश ठाकुर, शिक्षाविद सदस्य प्रवीण कुमार, दाता सदस्य सीताराम ठाकुर, विवि प्रतिनिधि डॉ. शैलेंद्र मोहन झा, शिक्षक प्रतिनिधि सुरेंद्र कुमार अन्य उपस्थित थे।

