भागलपुर : युवा राजद के प्रदेश प्रवक्ता अरुण कुमार यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के द्वारा 500 रूपये और 1000 रूपये के नोटों को बंद करने के इस निर्णय के बाद बैंक, डाकघर द्वारा नोटों की निकासी और नोटों को जमा व बदले की व्यवस्था से उत्पन अफरा तफरी की स्थिति के लिए केंद्र सरकार पूरी तरह दोषी है। इस गलत निर्णय से सामान्य और कमजोर लोगों को बहुत असुविधा और परेशानी हो रही है। जबकि रसूखदार और ताकतवर लोग इस अवस्था में भी अपना काम आसानी से कर रहे है ।लोग पहले से ही नोटों के बदलने की समस्याओ से जूझ रहे थे उसी बीच नोट बदलने की सीमा 4500 रुपया से घटा कर 2000 रुपया कर और लोगो की समस्या जटिल कर दिया गया।आज बैंक या डाकघरो के सामने आम आदमी, किसान, मजदूर, छोटे दुकानदार, लाइन में लगे नजर आते है और परेशानियों का सामना करना पड़ता है । जिसके कारण पुरे देश में सैकड़ो लोगो की मौत हो गई है इस मौत का जिम्वेदार प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी है ।
इस इस तरह के निर्णय लेने के पहले पीएम नरेंद्र मोदी जी को आम आदमी ,कमजोर तपके के लोगो के हित व ध्यान में रखकर नोट,बदलने या बैंक निकासी की पूरी व्यवस्था को चुस्त और दुरुस्त करनी चाहिए थी ।
केंद्र सरकार के 500 और 1000 वाले रूपये को बंद करने के फैसले से देश के अंदर नौकरशाहों ,टेक्स चोरी करने वाले बड़े व्यपारी से लेकर अवैध करोवारी माफियाओ के काला धन वापस नही आने वाले है । क्योकि कोई भी वर्षो की कली कमाई नोटों के रूप में नही रखते है । इन काला धन को अलग-अलग तरीके से सुरक्षित रखना जानते है ।इस लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के इस निर्णय से केवल 500 और 1000 के नोटों को समाप्त करने से देश में जमा सारा धन बाहर आ जाएगा ऐसा कहना या दावा करना केंद्र सरकार द्वारा लोगों की आँख में धूल झोकने समान है।

