पटना : बिहार में फर्जी प्रमाण पत्र पर बहाल 4,345 शिक्षकों की बर्खास्तगी तय है। हाल में पटना हाईकोर्ट द्वारा फर्जी प्रमाण पत्र पर नियुक्त शिक्षकों की जानकारी तलब किये जाने के बाद से विजिलेंस ब्यूरो ने शिक्षा विभाग के ऐसे 4,345 शिक्षकों को चिन्हित किया है जिनके प्रमाणपत्र जांच में संदिग्ध पाए गए हैं। इन प्रमाण पत्रों का सत्यापन कराने को कहा गया है।
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उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक शिक्षकों की नियुक्ति की जांच कर रही विजिलेंस ब्यूरो की टीम ने शिक्षा विभाग को एक बार फिर आगाह किया है जिन नियोजन इकाईयों में शिक्षकों के रिकार्ड गायब है वहां ज्यादा गड़बड़ी हुई है। जांच का दायरा बढ़ाने के लिए शिक्षा विभाग ने संबंधित नियोजन इकाईयों पर दवाब बढ़ाना शुरू कर दिया है। इससे विजिलेंस ब्यूरो फर्जी प्रमाणपत्र पर नियोजित शिक्षकों की पहचान में तेजी ला सकेगा।


हाल में पटना हाईकोर्ट ने नियोजित शिक्षकों की जल्द जांच कर कार्रवाई करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने इस बात पर नाराजगी जतायी है कि तीन वर्ष बीतने के बावजूद जांच पूरी नहीं की जा सकी है। उल्लेखनीय है कि प्रारंभिक, माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों में वर्ष 2006 से 2015 के बीच करीब तीन लाख 62 हजार शिक्षकों की नियुक्ति हुई थी।
इनके प्रमाणपत्र को लेकर हाईकोर्ट में अर्जी दायर की गई थी। हाईकोर्ट ने इन शिक्षकों के प्रमाणपत्र की जांच की जिम्मेदारी निगरानी को दी। साथ ही फर्जी प्रमाणपत्र पर बहाल शिक्षकों पर प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया था। हालांकि हाईकोर्ट ने स्वत: नौकरी छोड़ने वाले शिक्षकों पर कोई कार्रवाई न करने की बात कही थी।
