श्रीगोपाल गोशाला में चल रही श्रीश्री 108 श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन प्रह्लाद प्रसंग की कथा हुई। इस कथा में वाराणसी से आए अनंत विभूषित जगतगुरु रामानुजाचार्य परम पूज्य बालक स्वामी जी केशवाचार्य जी महाराज ने कहा कि भक्त के वश में भगवान होते है। भक्त पूरी निष्ठा से भगवान की भक्ति में लग जाए तो भगवान खुद उसकी रक्षा करने के लिए आते हैं।
संसार में कोई ऐसा ही पिता होगा, जो अपने पुत्र की हत्या की कामना करता हो, लेकिन हिरण्यकश्यप ऐसा पिता था जो अपने पुत्र की हत्या की मंशा रखता था। हिरण्यकश्यप अपने पुत्र की हत्या सिर्फ इसलिए करना चाहता था, क्योंकि वे नारायण के विरोधी था। हिरण्यकश्यप की बहन होलिका जिसे ब्रह्मा जी से वरदान प्राप्त था। ब्रह्मा जी से वरदान पाकर वह भी मदहोश थी और भाई के साथ मिलकर अपने भतीजे की हत्या करने की कोशिश की और वहां भी भगवान ने अपनी लीला कर अपने भक्त को बचा लिया।
इसके बाद अभिमानी हिरण्यकश्यप का क्रोध और बढ़ गया। प्रह्लाद से पूछा कि बताओ तुम्हारा भगवान कहा है। प्रह्लाद से पूछा खंभे में भी तुम्हारा भगवान है तो प्रह्लाद ने कहा कि वे कणकण में हैं। हिरण्यकश्यप ने खंभे को अपनी गदा से तोड़ दिया। टूटते ही भगवान नर्सिंग अवतरित हुए और आततायी हिरण्यकश्यप का वध किया।

कथा में भजनों पर खूब झूमे श्रद्धालु
कार्यक्रम में भगवान के भजनों पर श्रद्धालु खूब झूमे। कथा के दौरान मेरा दिल तो दीवाना हो गया मुरली वाले तेरा, श्याम पिया मोरी रंग दे चुनरिया श्याम पिया मोरी रंग दे चुनरिया भजनों का भक्त खूब झूमे। भगवान कृष्ण का जन्मोत्सव केक काट कर मनाया गया। जन्मोत्सव को लेकर पंडाल को बैलून, खिलौने, फूल और फल से सजाया गया था। स्थानीय व बाहरी कलाकारों ने जन्मोत्सव पर विभिन्न प्रकार की झांकी भी निकाली।
लोगों ने किया स्वामी जी का अभिवादन
इससे पूर्व केशवाचार्य जी को श्रीश्याम भक्त मंडल, सांवरिया सरकार, मारवाड़ी युवा मंच, मारवाड़ी युवा जागृति शाखा, क्लीन नवगछिया ग्रीन नवगछिया, मारवाड़ी सम्मेलन नवगछिया शाखा, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, गोपाल गोशाला, लायंस क्लब, दादी कमेटी, यजमान नरेश बंसल, विनय चौधरी ने माल्यार्पण किया। आयोजन को सफल बनाने के लिए संयोजक स्वामी आगमानंद महाराज, सहसंयोजक सजन व अन्य भक्तों ने माल्यापर्ण कर स्वागत किया।


