सरस्वती पूजा को लेकर सोमवार को अनुमंडल कार्यालय के सभागार में एसडीओ मुकेश कुमार की अध्यक्षता में शांति समिति की बैठक हुई। बैठक में एसडीपीओ प्रवेंद्र भारती भी मौजूद थे। एसडीओ ने सभी थानाध्यक्षों और पूजा समितियों से कहा कि प्रतिमा स्थापित करने के लिए लाइसेंस लेना अनिवार्य है। इस संदर्भ में थानाध्यक्षों को निर्देश दिया कि सभी को समय लाइसेंस निर्गत करेंगे। लाइसेंस निर्गत करते समय पूजा समिति के सदस्य का नाम व मोबाइल नंबर ले लेंगे।
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किसी भी परिस्थिति में मूर्ति का विसर्जन गंगा और कोसी नदी में नहीं किया जाएगा। मूर्तियों का विसर्जन तालाब या पोखर में ही होगा। गंगा या कोसी में प्रतिमा विसर्जन करने वाली समितियों पर कार्रवाई की जाएगी। एसडीओ ने कहा कि पूजा के दौरान माहौल बिगाड़ने वाले लोगों को चिह्नत कर उन पर 107 की कार्रवाई का प्रस्ताव भेजें। उन्होंने वैसे लोगों पर कड़ी निगरानी करने का भी निर्देश दिया।

अनुमंडल पदाधिकारी ने कहा कि डीजे पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध है। अगर डीजे बजाने की सूचना प्राप्त होती है तो अविलंब डीजे जब्त कर संचालक के ऊपर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा पूजा के दौरान सभी थानाध्यक्षों को अपने थाना क्षेत्रों में सघन वाहन चेकिंग अभियान चलाने का निर्देश दिए। वैसे वाहन चालक जो लहरिया कट चलाते हैं। उनसे जुर्माना वसूला जाएगा। बैठक में सभी बीडीओ सीओ, थानाध्यक्ष के साथ शांति समिति से सदस्य मौजूद थे।
वाहन चालकों से जबरन चंदा वसूलने वालों पर होगी कार्रवाई
एसडीओ ने निर्देश दिया कि कुछ लोग मूर्ति बैठा में के नाम पर सड़क के बीचो-बीच कार्यों को रुक रुक कर चंदा वसूलते हैं। उन लोगों को पकड़कर कानूनी कार्रवाई थानाध्यक्ष सुनिश्चित करेंगे। शांति समिति के सदस्यों द्वारा बताया गया कि पूर्व में सरस्वती पूजा के दौरान बिहपुर प्रखंड के बभनगामा, अजमावाद, भवानीपुर में भी विवाद हुआ था। इस संदर्भ में एसडीओ ने थानाध्यक्ष, को निर्देश दिया कि शांति समिति की बैठक करें।

