नवगछिया : चार फरवरी की शाम से ही लापता गोपालपुर थाना क्षेत्र के सिंघिया मकंदपुर निवासी मंटू चौधरी30 का शव नवगछिया थाना क्षेत्र के तेतरी जीरो माइल स्थित गोपाल सिंह के खुले गोदाम से गुरूवार को शाम साढ़े चार बजे बरामद किया गया है. पांच फरवरी को मंटू चौधरी की पत्नी गुंजन देवी द्वारा दिये गये आवेदन पर कार्रवाई करते हुए नवगछिया पुलिस ने मामले की प्राथमिकी दर्ज कर नामजद आरोपी गोपालपुर के डिमहा गांव के निवासी सुकेश को जब गिरफ्तार करके पूछ ताछ की तो सुकेश ने पुलिस के समक्ष पूरी कहानी को बयान किया. सुकेश की निशानदेही पर ही मंटू चौधरी के शव को तेतरी के गोपाल सिंह के खुले गोदाम के पास से बरामद किया गया.
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मंटू को अपराधियों ने दो गोली मारी है. एक गोली कनपटी में लगी है तो दूसरी गोली सीने में लगी है. शव की स्थिति देखने से पता चलता है कि मंटू की हत्या चार फरवरी को ही शव में कर दी गयी होगी. सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर अनुमंडल अस्पताल लाया जहां देर शाम शव का पोस्टमार्टम कर परिजनों को सौंप दिया गया था. मालूम हो कि पांच फरवरी को मंटू चौधरी की पत्नी गुंजन देवी ने नवगछिया थाना में आवेदन देते हुए अपने पति का अपहरण कर हत्या कर दिये जाने की अशंका व्यक्त करते हुए अविलंब कार्रवाई करने की मांग की थी. गुंजन देवी का कहना था कि चार फरवरी को साढ़े सात बजे रात में वह अपने पति मंटू चौधरी के मोबाइल नंबर 8825329616 पर कॉल किया और पूछा कि आप कहां हैं तो उन्होंने कहा कि वे अभी नवगछिया जीरो माइल के पास बड़ी मकंदपुर निवासी विजय शर्मा के गैरेज के पास अपने मित्र मनीष सिंह के साथ मोटरसाइकिल पर बैठ कर आया हूं. थोड़ी देर में घर आ रहा हूं.
इसके बाद मंटू चौधरी देर रात तक घर नहीं पहुंचे तो वे लोग खोज बीन में लग गये लेकिन कोई अता पता नहीं चला. उनका मोबाइल भी स्वीच आफ आ रहा था. पुलिस की सूचना पर पहुंचे परिजनों ने मंटू चौधरी के शव की शिनाख्त की है. नवगछिया पुलिस इस हत्याकांड में शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है.

भाई के बरखी के दिन की हत्या
सुकेश ने गिरफ्तार होते ही थोड़ी सी सख्ती करने के बाद ही पूरी कहानी को बयान कर दिया. सुकेश ने घटना में संलिप्त अन्य अपराधियों के नाम की भी जानकारी दी है.
सुकेश का मानना था कि मंटू चौधरी ने उसके भाई बबलू शर्मा की हत्या की थी. इसलिए बबलू की मौत के एक साल बाद, उसकी बरखी पर ठीक चार जनवरी को सुकेश ने मंटू चौधरी की हत्या कर दी. मृतक के परिजनों का कहना है कि बबलू ने एक वर्ष पहले शराब पी कर बेहोश हो गया था. बेहोश होने के बाद उसे मंटू चौधरी ने एक बासा पर सुला दिया था. सोयी अवस्था में ही बबलू की मौत हो गयी थी. उसी दिन से सुकेश मान रहा था कि मंटू ने ही बबलू की हत्या की है. चार जनवरी को सुकेश ने अपने सहयोगियों के सहारे मंटू चौधरी को विश्वास में लेकर उसकी गोली मार कर हत्या कर दी.
गुंजन देवी का कहना है कि गोपालपुर के पचगछिया निवासी मनीष सिंह ने डिमहा निवासी सुकेश शर्मा के साथ षडयंत्र कर उसके पति की हत्या कर साक्ष्य छुपाने के उद्देश्य से लाश को छुपा दिया.
घर में मचा कोहराम, पूरे परिवार की थी मंटू पर जिम्मेदारी
मंटू खेती किसानी कर अपने परिवार का गुजर बशर कर रहे थे. मंटू पर ही उनके पूरे परिवार की जिम्मेदारी है. मंटू की मृत्यु के बाद परिवार पूरी तरह से अनाथ हो गया है. मंटू चौधरी की पत्नी गुंजन देवी का रो रो कर बुरा हाल है. मंटू चौधरी की एक पुत्री निशा कुमारी की शादी हो गयी जबकि कविता, अमित, सुमित सभी 13 वर्ष से भी कम उम्र के हैं. मंटू की मृत्यु के बाद परिजन गहरे सदमे में हैं.
