भागलपुर से नई दिल्ली के बीच भी तेजस एक्सप्रेस चलेगी। इसका परिचालन पीपीपी (पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप) मोड पर होगा। इंडियन रेलवे केटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन लिमिटेड (आइआरसीटीसी)ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है। ट्रेन रूट और समय सारिणी पर अध्ययन किया जा रहा है। यह ट्रेन पूर्व रेलवे जोन की पहली ट्रेन होगी।
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ट्रेन के परिचालन के लिए निविदा निकाली जाएगी। इसमें क्या शर्ते होंगी, इसकी ड्राफ्टिंग की जा रह है। इसके बाद ही मानक तय किए जाएंगे। तेजस का परिचालन भागलपुर-किऊल-पटना-पंडित दीनदयाल के रास्ते नई दिल्ली के लिए होगा। किन स्टेशनों पर ठहराव होगा, किराया और सप्ताह में कितने दिन चलेगी आदि अभी तय नहीं किया गया है।


एक फरवरी को आम बजट में वित्त मंत्री ने पीपीपी मोड पर देश के सभी रेल जोन से 150 तेजस ट्रेन चलाने की घोषणा की थी। इसके बाद आइआरसीटीसी पूर्वी क्षेत्र (कोलकाता) कई रूटों पर तेजस चलाने की तैयारी कर रहा है। इसमें से एक रूट भागलपुर-नई दिल्ली का चयन किया गया है।

भागलपुर राजस्व मामले में पूर्व रेलवे का तीसरा बड़ा स्टेशन है। यहां से नई दिल्ली के लिए ट्रेनें कम हैं। यात्रियों का दबाव बना रहता है। इस कारण आइआरसीटीसी ने भागलपुर-नई दिल्ली रूट को प्राथमिकता दी है। सब कुछ ठीक रहा तो तेजस दो से तीन महीने में चलने लगेगी।
थ्री एसी और एग्ज्यिूक्यूटिव क्लास के होंगे कोच : तेजस पूरी तरह वातानुकूलित, वाई-फाई और सीसी कैमरे से लैस ट्रेन होगी। इसमें थ्री एसी और एग्जिक्यूटिव क्लास के कोच लगे रहेंगे।

व्यावसायिक कामकाज का जिम्मा आइआरसीटी के पास
तेजस पूर्व रेलवे जोन की पहली प्राइवेट ट्रेन होगी। इस ट्रेन में लोको पायलट, सहायक लोको पायलट और गार्ड रेलवे के होंगे। टिकटिंग, पार्सल और अन्य व्यावसायिक कामकाज के अलावा यात्री सुविधाओं का जिम्मा आइआरसीटीसी के पास होगा। आइआरसीटीसी हर साल रेलवे को बोगियों के एवज में ट्रांसपोर्टेशन चार्ज देगा। एयर होस्टेस की तर्ज पर तेजस के यात्रियों का स्वागत ट्रेन होस्टेस करेगी।
भागलपुर से नई दिल्ली के लिए पीपीपी मोड पर तेजस ट्रेन चलाने की कवायद शुरू कर दी गई है। आइआरसीटीसी इसके लिए रूट और अन्य ¨बदुओं पर अध्ययन कर रहा है। अध्ययन रिपोर्ट के बाद निविदा निकाली जाएगी।
