पटना : राज्य सरकार ने एक लाख पंचायत प्रारंभिक शिक्षकों की बहाली (नियोजन) पर रोक लगा दी है। पंचायत प्रारंभिक शिक्षकों की बहाली प्रक्रिया अंतिम दौर में थी और मार्च में शिक्षकों को नियोजन पत्र दिया जाना था। इसके पूर्व ही पटना हाईकोर्ट के एक आदेश के बाद सरकार ने नियुक्ति प्रक्रिया रोकने का फैसला करते हुए इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं।
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सरकार ने अपने आदेश में कहा है कि बिहार पंचायत प्रारंभिक शिक्षकों की बहाली पंचायत नियोजन एवं सेवा शर्त नियमावली 2012 में मिली शक्तियों के आधार पर की जा रही थी। नियोजन की प्रक्रिया प्रारंभ करने के पूर्व राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षण संस्थान (एनआइओएस) द्वारा संचालित 18 महीने के ‘डीएलएड’ प्रशिक्षण की मान्यता पर राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) से परामर्श किया गया था। जिसमें स्पष्ट किया गया था कि पंचायत प्रारंभिक शिक्षक नियोजन में 18 महीने के डीएलएड प्रशिक्षण को मान्यता नहीं दी जा सकती।

जिसके बाद इस संबंध में आदेश भी जारी किए गए। बावजूद एनआइओएस द्वारा संचालित 18 महीने के डीएलएड’ प्रशिक्षण को मान्यता दिए जाने के लिए संजय कुमार यादव की ओर से पटना हाईकोर्ट में सीडब्ल्यूजेसी न. 19842/2019 अपील दायर की गई। पटना हाईकोर्ट ने उक्त वाद में 21 जनवरी 2020 को आदेश पारित करते हुए संबंधित याचिका को स्वीकृत कर लिया। कोर्ट ने प्राथमिक शिक्षा निदेशालय द्वारा 11 सितंबर को जारी आदेश को साइड करते हुए वादीगण को शिक्षक पद पर नियोजन के लिए एक महीने की अवधि निर्धारित करते हुए सरकार को उनके आवेदन पर विचार करने के आदेश दिए।
कोर्ट के इस फैसले के बाद प्राथमिक शिक्षा निदेशालय ने राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद से इस संबंध में मार्गदर्शन मांगा है और साथ ही यह जानना चाहा है कि क्या अध्यापक शिक्षा परिषद कोर्ट के इस फैसले के खिलाफ अपील में जा रहा है? निदेशालय को फिलहाल परिषद का कोई जवाब नहीं मिला है। जिसके बाद सरकार ने पंचायत प्रारंभिक शिक्षकों की नियोजन प्रक्रिया पर अगले आदेश तक के लिए रोक लगा दी है। बता दें कि शिक्षा विभाग ने 22 अगस्त 2019 और 22 नवंबर 2019 के आदेश के द्वारा प्रारंभिक शिक्षकों के नियोजन की प्रक्रिया शुरू की थी।

