राजधानी में फीस बढ़ाेत्तरी को लेकर अब निजी स्कूलों की मनमानी नहीं चलेगी. इस बात का फैसला मंगलवार को पटना प्रमंडलीय आयुक्त संजय कुमार अग्रवाल की अध्यक्षता में निजी विद्यालय समिति की बैठक में हुआ. बैठक में निजी स्कूल में मनमाने ढंग से फीस बढ़ोत्तरी किए जाने को लेकर गंभीर चर्चा हुई. बैठक में संजय अग्रवाल ने सभी निजी स्कूल के लिए निर्देश जारी किया कि जिन्होंने स्कूल की वेबसाइट नहीं बनाई है वे 31 मार्च तक इसे बना लें. साथ ही इसकी जानकारी जिला शिक्षा पदाधिकारी और क्षेत्रीय शिक्षा उप-निदेशक को दे.
7 प्रतिशत से अधिक नही बढ़ा सकते फीस
अग्रवाल ने पहले ही निजी स्कूल को फीस में 7 फीसदी से ज्यादा बढ़ोतरी करने का निर्देश दिया है. उन्होंने मंगलवार को क्षेत्रीय शिक्षा उप निदेशक को भी यह निर्देश दिया कि वे आम सूचना जारी करें कि यदि किसी शिक्षण संस्थान या निजी स्कूल में निर्धारित सीमा से ज्यादा फीस या शुल्क की बढ़ोतरी की जाती है तो अभिभावक इसकी शिकायत कर सकते हैं.

रजिस्टर्ड निजी स्कूल का डेटाबेस होगा तैयार
आयुक्त ने जिला शिक्षा पदाधिकारी को निर्देश दिया कि निजी स्कूल के रजिस्ट्रेशन के लिए हर महीने निबंधन समिति की एक बैठक करें और जो योग्य निजी विद्यालय को उनके रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया जल्द पूरी करें. इसके अलावे रजिस्टर्ड विद्यालय का डेटाबेस निश्चित रूप से तैयार करें.

फीस बढ़ाने के लिए लेनी होगी अनुमति
4 जनवरी को हुए समीक्षा बैठक में 41 निजी विद्यालयों को रजिस्टर किया गया था. प्रमंडलीय आयुक्त संजय अग्रवाल ने यह भी कहा कि अगर किसी विद्यालय को 7 प्रतिशत से अधिक की फीस बढ़ोतरी करनी है तो उन्हें पहले पूरा ब्यौरा देकर इसकी अनुमति लेनी होगी.यहां करें शिकायत

संजय अग्रवाल ने जिला शिक्षा पदाधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि निजी विद्यालय के रजिस्ट्रेशन के लिए सॉफ्टवेयर तैयार करें. साथ ही सभी निजी स्कूल को निर्देश दिया कि वे वित्तीय वर्ष 2019-20 और 2020-21 के विलंब शुल्क का ब्यौरा क्षेत्रीय शिक्षा उप-निदेशक को दे. इसके अलावे बच्चों के अभिभावक rdde.patna@gmail.com पर फीस से संबंधित शिकायत भेज सकते हैं.


