मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि कोरोना वायरस दुनिया भर में लगातार फैलता जा रहा है। इसको लेकर हम सभी लोगों को सचेत रहना है। लोग भी अब समझने लगे हैं कि सोशल डिस्टेंसिंग बहुत जरूरी है। मुख्यमंत्री ने बुधवार को 1 अणे मार्ग में वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से कोरोना संक्रमण के बचाव को लेकर पंचायत, नगर निकाय प्रतिनिधियों, डीएम और एसपी से बात की। मुख्यमंत्री ने कहा कि जितने भी जनप्रतिनिधि हैं, चाहे वे पंचायती राज व्यवस्था के हों या नगर निकायों के अथवा पंच व सरपंच सभी को जिम्मेदारी दी गई है। कोरोना पीड़ितों का इलाज सरकार अपने खर्च पर कराएगी। मुख्यमंत्री ने कहा-हमलोगों ने तय किया है कि राशन कार्डधारियों को मुफ्त राशन दिया जाए। कुल 1.68 करोड़ राशन कार्डधारी हैं जिसमें 85% लोग ग्रामीण हैं। इन सब लोगों के खाते में हमलोग राज्य सरकार की तरफ से एक हजार रुपए भेज रहे हैं। आज ही से उनके खाते में ये राशि चली जाएगी।
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सरकार दूसरे राज्यों में फंसे बिहारियों को दे रही एक-एक हजार
लॉकडाउन के चलते दूसरे राज्यों में फंसे बिहारी मजदूरों और जरूरतमंदों को बिहार सरकार ने प्रति परिवार एक-एक हजार रुपए देना शुरु किया है। इसके वास्ते मोबाइल एप डाउनलोड करने के लिए www.aapda.bih.nic.in पर लिंक उपलब्ध कराया गया है। इसके जरिए जरूरतमंद एप पर अपने को रजिस्टर्ड करेंगे। आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत ने कहा कि सरकार के विभिन्न हेल्पलाइन नंबरों पर सहायता मांग चुके 300 लोगों के खातों में रुपए ट्रांसफर करने के लिए बुधवार को उनके मोबाइल नंबरों पर लिंक उपलब्ध कराया गया। उन्हीं को रुपए मिलेंगे, जिनके पास आधार कार्ड होगा और जिनका बैंक खाता बिहार के किसी ब्रांच (बैंक) का होगा। उनके आधार कार्ड में दिए गए मोबाइल नंबर पर ओटीपी जाएगा। यह फौरी सहायता है। उन्हाेंने बताया कि 10 मार्च के बाद विदेश और अन्य राज्यों से बिहार आए लोगों की ट्रैकिंग हो रही है।

जो बाहर से आ रहे हैं उनकी पूरी जांच करें पर किसी के साथ गलत व्यवहार नहीं हो
मुख्यमंत्री ने कहा कि जो लोग भी बाहर से आ रहे हैं, उनकी सघन जांच की जा रही है। विदेशों से आए लोगों की भी जांच हो रही है। बाहर से आने वाले लोगों के लिए हम सभी को सचेत रहना पड़ेगा। लेकिन, यह देखना भी जरूरी है कि उनके साथ कोई गलत व्यवहार ना हो। बाहर से आए लोगों के लिए स्कूलों या फिर अन्य चिह्नित जगहों पर उनके लिए आवासनए भोजन और चिकित्सकीय सुविधा की सरकार की तरफ से व्यवस्था की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि लॉकडाउन के कारण लोग घरों में रह रहे हैं लेकिन खाद्यान्न और सब्जियों के लिए वे बाहर निकल सकते हैं। हमें एक.दूसरे का ख्याल रखते हुए इन चीजों के बारे में लोगों को बताना चाहिए।

