गरीब कल्याण रोजगार अभियान के तहत प्रवासी श्रमिकों को रेलवे रोजगार उपलब्ध कराएगा। समस्तीपुर मंडल के 14 जिले में प्रवासी श्रमिकों को रेलवे के तहत होने वाले कार्यों में रोजगार उपलब्ध कराए जाएंगे।

सहरसा, सुपौल, पूर्णिया, अररिया, खगड़िया, बेगूसराय, समस्तीपुर, दरभंगा, मधुबनी, सीतामढ़ी, पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण और मुजफ्फरपुर जिले में संचालित रेलवे के कार्यों में प्रवासी श्रमिकों को रोजगार दिए जाएंगे। पूर्व मध्य रेल के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी राजेश कुमार ने कहा कि 31 अक्टूबर तक प्रत्येक प्रवासी श्रमिक को 125 दिनों तक का रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। बिहार राज्य के 32 जिलों के प्रवासी श्रमिकों को गरीब कल्याण रोजगार योजना के तहत लाभ प्रदान किया जाएगा।

इन 32 जिलों में पूर्व मध्य रेल क्षेत्राधिकार के 23 जिले शामिल हैं। दानापुर मंडल के तहत छह, पंडित दीन दयाल उपाध्याय के चार, समस्तीपुर के नौ और सोनपुर मंडल के चार जिले शामिल हैं। इसके अलावा बिहार राज्य में पड़ने वाले पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे के चार, पूर्वोत्तर रेलवे के तीन और पूर्व रेलवे के दो जिले के प्रवासी श्रमिकों को भी गरीब कल्याण रोजगार अभियान के तहत रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। पूर्व मध्य रेल क्षेत्राधिकार में आने वाले झारखंड के एक, उत्तर प्रदेश के दो और मध्य प्रदेश के दो जिलों के प्रवासी श्रमिकों भी इस योजना का लाभ दिया जा रहा है। इन जिलों में आने वाले रेलवे के स्वीकृत सभी संविदात्मक कार्य में प्रवासी श्रमिकों को रोजगार दिए जाने लगे हैं।

महात्मा गांधी राष्ट्रीय योजना के तहत भी मिलेगा काम
ईसीआर के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी राजेश कुमार ने कहा कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय गारंटी योजना के तहत भी ग्रामीण क्षेत्रों के श्रमिकों को निर्धारित मानदंडों का अनुपालन करते हुए रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इस गारंटी योजना को बिहार राज्य में पड़ने वाले पूर्व मध्य रेल क्षेत्राधिकार के 28 जिले सहित बिहार राज्य के सभी 38 जिलों में लागू किया गया है। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना द्वारा वित्त पोषित रेलवे से संबंधित विविध प्रकार के निर्माण या रेल विकास कार्यों में ग्रामीण श्रमिकों को रोजगार मुहैया कराए जा रहे हैं। रेलवे स्टेशनों और समपार फाटकों के निकट पहुंच पथ का निर्माण, रखरखाव, रेल ट्रैक के किनारे स्थित जलनिकासी को ठीक करना, खाइयों- नालों का विकास और उसकी साफ-सफाई से संबंधित कार्य पूरा करने के लिए उन्हें अवसर प्रदान किया जाएगा। रेल तटबंधों की मरम्मत और चौड़ीकरण चयनित रेलवे क्षेत्रों में अधिक से अधिक वृक्षारोपण कार्य स्थानीय ग्रामीण श्रमिकों से करवाते हुए उन्हें पूर्व मध्य रेल द्वारा रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

महिला श्रमिकों को भी मिलेगा रोजगार
रेलवे महिला श्रमिकों को भी रोजगार उपलब्ध कराएगा। सीपीआरओ ने कहा कि कुल श्रमिकों में से एक तिहाई महिला श्रमिकों की सहभागिता सुनिश्चत की जाएगी। पारदर्शिता अपनाते हुए श्रमिकों को श्रमिक पेमेंट के रूप में दी जाने वाली राशि का भुगतान ऑनलाइन किए  जाएंगे। प्रवासी श्रमिकों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए रेलवे का यह महत्वपूर्ण कदम है। भारत सरकार के प्रवासी श्रमिकों सहित अन्य श्रमिकों को घरों में ही रोजगार उपलब्ध कराने के प्रयास में पूर्व मध्य रेल अपनी सहभागिता दे रहा है।

हर जिले के लिए एक कॉर्डिनेटर बहाल
सीपीआरओ ने कहा कि पूर्व मध्य रेल द्वारा सभी जिले के लिए एक-एक कॉर्डिनेटर नियुक्त किया गया है। कॉर्डिनेटर रेलवे के जेऐजी संवर्ग के अधिकारी होंगे। जो यह सुनिश्चत करेंगे कि रेलवे से संबंधित निर्माण और रेल विकास कार्य सुचारू रूप से बिना किसी व्यवधान के चलता रहे। अगर इसमें किसी प्रकार की समस्या उत्पन्न होती है तो वे इसकी रिपोर्ट संबंधित डीएम और मंडल रेल प्रबंधक को सौंपेंगे

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By न्यूज़ डेस्क

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