इंजीनियर आशुतोष पाठक की बिहपुर पुलिस की पिटाई से माैत मामले की जांच के लिए मंगलवार देर शाम एसपी स्वप्ना जी मेश्राम ने एसआईटी का गठन किया। उन्हाेंने बताया कि टीम का नेतृत्व एसडीपीओ दिलीप कुमार करेंगे। उन्हाेंने सभी आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार करने का निर्देश दिया है। एसपी ने बताया कि मंगलवार को एफएसएल टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। थाने से भी सैंपल लिया है। दूसरी अाेर मड़वा के ग्रामीणों ने मंगलवार को गांव के ठाकुरबाड़ी परिसर में बैठक की। अध्यक्षता नवनीत कुमार एवं संचालन रूपेश रूप ने किया। लोगों ने कहा कि आरोपी थानाध्यक्ष रंजीत कुमार समेत घटना में शामिल सभी पुलिसकर्मियों व निजी चालक की दो दिन में गिरफ्तारी नहीं हुई तो उग्र आंदोलन करेंगे। पूरे घटनाक्रम की मजिस्ट्रेट से जांच कराई जाय। सभी आरोपियों की बर्खास्तगी हाे। मृतक के परिजनों को मुआवजा मिले। ग्रामीणों ने कहा कि हमारी मांगे पूरी नहीं हुई तो 30 अक्टूबर को बिहपुर थाने का घेराव करेंगे। बैठक के दौरान की गई मांग की जानकारी पीएमओ, सीएमओ, डीजीपी, डीआईजी अाैर नवगछिया एसपी काे भी दी।

इंजीनियर के चाचा ने कहा-सादे लिबास में तैनात जवानाें ने की गाली-गलाैज, फिर शुरू कर दी पिटाई

घटना को लेकर अाशुताेष के चाचा प्रफुल्ल पाठक ने झंडापुर ओपी में बिहपुर की पूरी पुलिस टीम पर हत्या की एफअाईअार कराई है। उन्हाेंने कहा 3कि सादे लिबास में मौजूद पुलिस उसे राेककर गाली-गलौज कर रही थी। विरोध करने पर पुलिस उसे पीटने लगी। हमलाेग थाने पहुंचे ताे उसे नंगा कर पीटा जा रहा था। उसे सहयाेगी जवान बूट से पीट रहे थे। सबौर के छोटी हाट के सुजीत कुमार झा की शिकायत पर बिहार राज्य मानवाधिकार आयोग ने इसकी शिकायत दर्ज की है। सुजीत झा ने बताया कि उनके पत्र को सीएम ने डीजीपी को फॉरवर्ड कर जांच कराने को कहा है।

सड़क जाम करने पर 200 से अधिक के खिलाफ केस

इधर, सड़क जाम करने को लेकर 200 से अधिक अज्ञात लोगों के खिलाफ झंडापुर ओपी में मामला दर्ज किया गया है। जिसमें सड़क जाम करने, अफसरों के साथ धक्का-मुक्की, गाली-गलौज करने समेत कई अन्य गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

इंजीनियर की तीन वर्ष पहले हुई थी शादी

इंजीनियर लीवर से संबंधी बीमारी से पीड़ित थे। बीमारी के कारण भागलपुर में अपने घर पर रह रहे थे। उनकी तीन सात पहले शादी हुई थी। उसे दाे साल की एक बेटी है। उनके पिता अजय पाठक गाेड्डा काॅलेज गाेड्ा में प्राेफेसर थे। उनका देहांत हाे चुका है। आशुतोष पाठक ने गोड्‌डा के शिवपुर माेहल्ले में रहकर पढ़ाई की थी। वह अच्छे क्रिकेटर भी थे। इंजीनियरिंग करने के बाद बेंगलुरु में नौकरी भी की थी। लॉकडाउन में घर अा गए थे। पत्नी स्नेहा पाठक व पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।

साेशल मीडिया पर जस्टिस फॉर आशुतोष कैंपेन

इंजीनियर आशुतोष पाठक की बिहपुर पुलिस की पिटाई से मौत के बाद सोशल मीडिया में जस्टिस फॉर आशुतोष कैंपेन शुरू हाे गया है। इसमें सांसद, विधायक समेत बिहार-झारखंड के कई लोग जुड़े हैं। मृतक के ननिहाल गोड्‌डा से लेकर उसके गांव तक के लोग सोशल मीडिया के जरिए बिहपुर थानेदार रंजीत कुमार और उसकी टीम के लोगों को फांसी देने की मांग कर रहे हैं। थानेदार की गिरफ्तारी नहीं होने से लोग नवगछिया एसपी पर भी सवाल उठा रहे हैं। गोड्‌डा के सांसद निशिकांत दुबे ने लिखा है कि पीड़ित परिजनों को न्याय मिलेगा। निशिकांत दुबे मंगलवार काे मृतक के परिजनाें से भागलपुर स्थित उनके आवास पर मिले। उन्होंने मृतक की पत्नी समेत अन्य परिजनाें काे सांत्वना दी। उन्होंने कहा कि दोषियों को कड़ी सजा दिलाई जाएगी। बिहपुर के लोगों का कहना है कि थानेदार रंजीत कुमार पहले भी नाहक लोगों की पिटाई करते थे। पुलिस कप्तान के पास कई शिकायतें भी पहुंची थीं, लेकिन एक बार भी कार्रवाई नहीं हुई।

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By न्यूज़ डेस्क

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