विक्रमशिला पुल से मंगलवार सुबह 8 बजे एक युवक ने गंगा नदी में कूद कर जान दे दी। मृतक की पहचान धर्मराज उर्फ रूपेश कुमार (21) पिता नेमानी दास, ग्राम रामचंद्रपुर-ईटहरी, अमरपुर के रूप में हुई है। रूपेश अपने मामा के घर सबौर प्रखंड के भिट्ठी गांव में रहकर पढ़ाई और जॉब दोनों करता था। घूरनपीर बाबा चौक के पास स्थित एक फोटो लैब में वह काम करता था और सबौर में कंप्यूटर की पढ़ाई करता था। 3 भाइयों मे रूपेश सबसे बड़ा था। उसके पिता नेमानी दास ईंट भट्ठा में मजदूरी करते हैं। आत्महत्या के कारण का पता नहीं चल पाया है।
लेकिन पिता का कहना है कि गोतिया के लोगों से उनका जमीन का विवाद चल रहा था। इसे लेकर विपक्षियों की ओर से रूपेश को जान मारने की धमकी मिली थी। इसी को लेकर उसने यह कदम उठाया है। जबकि मृतक के मामा विकास कुमार का कहना है कि घरेलू परेशानी, आर्थिक तंगी और अच्छे परिवार में शादी नहीं होना आदि के कारण रूपेश डिप्रेशन में था, इस कारण आत्महत्या की है। 3 घंटे की मशक्कत के बाद एसडीआरएफ की टीम ने बरारी पुल घाट 2 नंबर पिलर के पास नदी से लाश निकाली। गाद में युवक का सिर धंस कर फंस गया था। इस कारण लाश खोजने में टीम को मशक्कत करनी पड़ी।

सबौर प्रखंड के भिट्ठी गांव में मामा के घर रहकर पढ़ाई करता था
चश्मदीद बोला-मोबाइल फेंका व पुल से कूद गया
मृतक के मामा विकास ने बताया कि रूपेश ट्यूशन पढ़ने के लिए सुबह में भिट्ठी से निकला था। आठ बजे करीब विकास ने रूपेश को यह कहने के लिए फोन किया कि लौटते वक्त दूध लेते आना। लेकिन फोन करने पर किसी दूसरे ने कॉल रिसीव किया। उसने बताया कि एक लड़का अभी तुरंत अपना फोन फेंक कर पुल से गंगा में कूद गया है। यह फोन उसी लड़के का है। दूर रहने के कारण वह युवक को कूदे से रोक नहीं पाया। इस सूचना पर मामा विकास समेत अन्य परिजन सबौर से बरारी पुल घाट पहुंचे और नदी में अपने स्तर से रूपेश की तलाश शुरू की। पुलिस और एसडीआरएफ की टीम को सूचना दी गई, लेकिन 3 घंटे की देरी से रेस्क्यू टीम पहुंची और तब नदी में रूपेश की तलाश शुरू की गई। पुल पर जिस व्यक्ति ने रूपेश का मोबाइल उठाया था, परिजनों ने उससे संपर्क किया। मोबाइल उठाने वाला व्यक्ति का नाम प्रदीप है, जो गंजी मील कैंपस में काम करता है। परिजनों को प्रदीप ने मोबाइल सौंप दिया।
बीए में हो गया था फेल, फोटो लैब में भी काम करता था
रूपेश बचपन से ही मामा के घर में रहता था। वहीं पला-बढ़ा। उसकी पढा़ई-लिखाई भी मामा विकास ने ही कराई। इंटर पास करने के बाद रूपेश बीए में फेल हो गया था। इसके बाद उसने फोटो लैब में काम शुरू किया और तकनीकी शिक्षा के लिए कंप्यूटर सीख रहा था, ताकि आगे बढ़िया जॉब मिल सके। सोशल मीडिया पर भी रूपेश एक्टिव था। उसने सोशल मीडिया एकाउंट में अपनी कई तस्वीरें भी लगाई है। फरवरी में उसका अंतिम पोस्ट था।
गायब है रूपेश की साइकिल, पिता को है कई आशंकाएं
रूपेश साइकिल से कंप्यूटर का क्लास करने सबौर जाता था। वह साइकिल लेकर निकला था, लेकिन अब उसकी साइकिल गायब है। मृतक के पिता का कहना है कि विपक्षी उसे जबरन पुल पर ले गए होंगे और कूदने को बाध्य किया होगा। हालांकि चश्मदीद का कहना है कि कूदने के दौरान युवक अकेला ही था। पुलिस टीओपी के पास लगे सीसीटीवी कैमरे का फुटेज खंगाल रही है, ताकि पिता को आशंकाओं की जांच हो


