बिहार में कोरोनावायरस ने एक बार फिर से तांडव शुरू कर दिया है. सरकारी आंकड़े न सिर्फ चौंकाने वाले बल्कि भयावह भी हैं. कोरोना हर रोज अपना ही रिकॉर्ड तोड़ रहा है. हाल ये है कि बिहार में फिर से स्कूल-कॉलेजों पर ताला लग गया है, वहीं भीड़भाड़ को लेकर कई अन्य पाबंदियां भी लगीं हैं.


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कोरोना को लेकर राज्य में संक्रमितों की स्थिति संतोषजनक होने लगी थी कि होली के पूर्व से चल रही इस स्थिति में तेजी से बदलाव होने लगा. मार्च में पहली बार 18 मार्च को 100 से अधिक की संख्या में नये पॉजिटिव मिलने लगे. हालात की भयावहता का अंदाजा इस बात से लगा सकते हैं कि बिहार में बीते 30 दिन में 4 हजार से ज्यादा नये मामले सामने आएं हैं. मौजूदा वक्त में 2200 से ज्यादा एक्टिव केस हैं.

होली के बाद से स्थिति ज्यादा खराब हुई है. कोरोना का सबसे बड़ा अस्पताल पटना एम्स में सारे बेड फुल हैं. पीएमसीएच और एनएमसीएच में नये बेड बढ़ाए जा रहे हैं. देश के दूसरे हिस्सों में कोरोना संक्रमण और प्रदेश में कोरोना विस्फोट के चलते क्या एक बार फिर से बिहार में लॉकडाउन की स्थिति बन रही है.

इस माह में छठ पर्व और शादियों का लग्न भी है जिसमें बड़ी संख्या में लोग दूसरे राज्यों से बिहार आएंगे. इस कारण विशेषज्ञों के मुताबिक, अगले कुछ दिनों में कोरोना के केस में और तेजी आ सकती है. शायद यही कारण है कि स्वास्थ्य विभाग ने राज्य के सभी सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेज अस्पतालों को कोरोना संक्रमित मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए सतर्क रहने और पूरी तैयारी रखने का निर्देश दिया है.

सभी डीएम और एसपी को अपने जिलों में गृह मंत्रालय के कोविड 19 को लेकर जारी गाइडलाइन और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा दफ्तर, शापिंग माल, धार्मिक स्थल, होटल व रेस्टूरेंट आदि के संचालन के संबंध में जारी गाइडलाइन का कड़ाई से पालन कराने का निर्देश दिया गया है. भीड़ वाली जगहों जैसे फूड कोर्ट, होटल, जलपान गृह, सब्जी मंडी, बस अड्डा, रेलवे स्टेशन, रेहड़ी पर भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अधिक से अधिक पुलिस बल की तैनाती करने को कहा गया है.

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की कोरोना को लेकर शनिवार को हुई उच्चस्तरीय बैठक के बाद हुई क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप की बैठक में फैसला लिया गया कि राज्य के सभी शैक्षणिक संस्थान स्कूल, कॉलेज और कोचिंग को पांच से 11 अप्रैल तक बंद रहेंगा. बीते एक माह में जिस तरह से कोरोना के नए मामले सामने आए हैं उसके बाद से यह आशंका है कि क्या दूसरे राज्यों की तरह बिहार में भी लॉकडाउन लगेगा. बता दें कि नये नियम के बाद शादी समारोह में अधिकतम ढाई सौ और श्राद्ध में पचास से ज्यादा लोग उपस्थित नहीं होंगे.

सरकारी दफ्तरों में सामान्य आगंतुकों के प्रवेश पर रोक लगायी गयी है. 30 अप्रैल तक कार्यालय प्रमुख अपने विवेक से कार्यालय का समय और उपस्थिति निर्धारित कर सकेंगे. पांच से 15 अप्रैल तक किसी भी परिस्थिति में पब्लिक ट्रांसपोर्ट में पचास फीसदी से अधिक क्षमता को नहीं रहने दिया जायेगा.

By न्यूज़ डेस्क

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