नवगछिया। भागलपुर सांसद अजय मंडल की पहल पर उच्च विद्यालय सैदपुर के जर्जर भवन का निरीक्षण डीपीओ माध्यमिक शिक्षा मणिकांत प्रसाद गुप्ता व आधारभूत संरचना के कनीय अभियंता रामसुमिरन सिंह ने संयुक्त रूप से किया। निरीक्षण के उपरान्त डीपीओ ने बताया कि विद्यालय के सभी कमरे जीर्ण-शीर्ण हालत में हैं। ऐसे में इन कमरों में पठन-पाठन शिक्षकों द्वारा कराना खतरा है।
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उन्होंने बताया कि विद्यालय में छह कमरे खपरैल व आठ कमरे पक्का का आजादी के पूर्व का बना हुआ है। सभी चौदह कमरे जीर्ण-शीर्ण हो गये हैं। उन्होंने कहा कि इसकी रिपोर्ट जिला शिक्षा पदाधिकारी को दी जायेगी। निरीक्षण के दौरान प्लस टू के पठन-पाठन हेतु बनाये जा रहे तीस लाख की लागत से बनाये जा रहे आधे-अधूरे जीर्ण-शीर्ण भवन व कला भवन के आधे-अधूरे भवन की जानकारी भी विद्यालय प्रधान से ली।

मौके पर मौजूद विद्यालय प्रधान ने डीपीओ को जानकारी दी कि विज्ञान, संस्कृत व हिन्दी के शिक्षक लंबी अवधि से विद्यालय में उपलब्ध नहीं हैं। जर्जर भवन की सूचना वर्ष 2016 से ही प्रतिवर्ष दी जा रही है। प्रधानाध्यापक व शिक्षक कक्ष भी नहीं है। विद्यालय में चारदीवारी नहीं होने से असामाजिक तत्त्वों का जमघट दिन भर लगा रहता है। खेल के मैदान में वर्षा का पानी जमा रहता है। बताते चलें कि उच्च विद्यालय सैदपुर की स्थापना वर्ष 1941 में सैदपुर के प्रबुद्धजनों द्वारा की गयी थी। वर्तमान में इस विद्यालय में पांच सौ के आसपास छात्र नामांकित हैं। परन्तु सरकार की उदासीनता के कारण इस विद्यालय का वजूद समाप्त होने को है।
