भागलपुर : शहर में गैरकानूनी ढंग से कई कंप्लेक्स बने हुए हैं, लेकिन जिला प्रशासन को इसकी सुध नहीं है। किसी बड़ी घटना होने के बाद प्रशासन की नींद खुलती है और फिर धीरे-धीरे सबकुछ सामान्य हो जाता है। रविवार को भी एक बड़ी घटना होते होते बची।
दरअसल तिलकामांझी थाना क्षेत्र स्थित सुमरीत मंडल कंप्लेक्स में गैरकानूनी ढंग से चल रहे कल्याणी ज्वेलर्स के वर्कशॉप में सिलेंडर ब्लास्ट हो गया। इस वजह से उसमें काम कर रहे कारीगर श्याम बाबू बुरी तरह से झुलस गए। फिलहाल उनका इलाज मायागंज अस्पताल में चल रहा है।
स्थानीय लोगों के अनुसार ब्लास्ट की आवाज इतनी तेज थी कि उस समय दुकान का शटर गिरा हुआ था, लेकिन ब्लास्ट से शटर पूरी तरह से टूटकर बाहर निकल गया। स्थानीय दुकानदारों ने बताया कि धमक इतनी जोरदार थी कि ऐसा लगा कि जैसे कान बहरा हो जाएगा। मौजूद लोगों ने बताया कि श्याम बाबू शटर गिराकर काम कर रहे थे।

मायागंज अस्पताल में आग से झुलसे श्याम बाबू का इलाज करवा रहे दुकानदार मालिक अभय पोद्दार ने बताया कि सोना-चांदी का काम करने के क्रम में छोटा वाले सिलेंडर से लगी आग में वह झुलस गया। घटना के बाद वहां मौजूद एक स्टूडियो के मालिक मृत्युंजय चौधरी द्वारा अग्निशामक यंत्र दिया गया, जिससे उसे बचाया जा सका. वरना काफी बड़ा नुकसान हो सकता था। डॉक्टर ने बताया कि मरीज 50% से अधिक झुलसा है, जिसमें उसका चेहरा और उसका दोनों पैर शामिल है।

ऐसे हो सकता था बड़ा हादसा
जिस समय यह धमाका हुआ, उस समय ऊपरी तल पर स्थित निजी अस्पताल ऑक्सीजन (विक्रमशिला नर्सरी होम) के लिए सिलेंडर आया हुआ था, जिसे अनलोड किया जा रहा था। लोगों ने समझा कि ऑक्सीजन सिलेंडर में ही ब्लास्ट हुआ है। ऐसे में एक बड़ा हादसा होते-होते बच गया।
ब्लास्ट के समय अंदर में 2 सिलेंडर और एक बाइक मौजूद थी। एक सिलेंडर से काम किया जा रहा था। साथ में सोना चांदी के कार्य में उपयोग लाने वाले एसी स्प्रिट भी वहां मौजूद थी।
बताया जाता है कि इस भवन में लगभग दर्जन भर प्रतिष्ठान, वर्कशॉप और गोदाम हैं। जिसमें न्यू रिमझिम स्वीट्स, प्रियंका स्वीट्स, एनजीओ ऑफिस, डिजिटल स्टूडियो, सिप्रिया मेडिकल टूल्स की एजेंसी, ब्लैंकेट हॉल और अस्पताल के अलावे अन्य प्रतिष्ठान, वर्कशॉप और गोदाम हैं।
नहीं है इसकी व्यवस्था
स्थानीय दुकानदारों ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि दुकानों, वर्कशॉप और गोदामों से भरे इस बड़े भवन के न तो पार्किंग की कोई व्यवस्था है और न ही आग लगने पर इससे बचने की कोई व्यवस्था। बड़े-बड़े भवन बनाने के बाद भवन मालिक इसके किसी भी मानक को पूरा नहीं कर रहे हैं।
दुकानदार मालिक के द्वारा पुलिस को इस घटना की जानकारी नही दी गई। हालांकि कुछ घण्टे के बाद गश्ती पुलिस को सूचना मिली। फिलहाल पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।

