चौतरवा पुलिस ने महिला की गला काटकर हत्या करने के आरोप में साधु मोती लाल यादव को गिरफ्तार कर लिया है। शनिवार को जब इसकी जानकारी ग्रामीणों को मिली तो सभी आरोपी को देखने के लिए थाने में पहुंच गए। इधर, आरोपी ने पुलिस से बचने के लिए अपना हुलिया बदल लिया था। पर वो कामयाब ना हो सका। आरोपी के चेहरे पर पछतावा दिख रहा था। उसने अफसोस जता कहा-गुनाह तो किया हूं। दरअसल, 23 सितंबर को आरोपी ने एकतरफा प्यार में गांव की एक महिला की उसकी दो बेटियों के सामने ही गला काटकर हत्या कर दी थी और भाग निकला था।
महिला की हत्या के बाद उसके परिजन और ग्रामीण साधु के भय से भयभीत थे। ग्रामीण ग्राम रक्षा दल बनाकर साधु से सुरक्षा कर रहे थे। यहां तक की परिवार का कोई भी सदस्य खेतों में जाने के पहले अपने साथ धारदार हथियार लेकर जाया करता था। साधु के इस गिरफ्तारी से क्षेत्र के लोगों ने राहत की सांस ली है।
साधु ने बदल लिया था अपना हुलिया

साधु जो भी काम करता था, पूरी प्लानिंग के साथ किया करता था। वो पुलिस गिरफ्त में ना आए, इसके लिए अपना हुलिया बिल्कुल बदल लिया था। अपने बाल और दाढ़ी को कटवा दिया था। साधु टीका भी नहीं कर रहा था। उसने अपना नाम भी बदल लिया था। हत्या के बाद अपने पहचान को बिल्कुल बदल लिया था। पर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। साधु ने महिला की हत्या की थी, उसी के पास 100 कदम की दूरी पर साधु पुलिस के हत्थे चढ़ गया।
पति बोला-पत्नी की आत्मा को मिली शांति
साधु के गिरफ्तार होने के बाद मृतका के पति ने कहा कि अब मेरी पत्नी को शांति मिलेगी। घटना के बाद आज चैन से सो पाऊंगा। उसने बताया कि अब बच्चों को भी घर बुला लूंगा। मालूम हो कि साधू के डर से मृतका के पति ने बच्चों को अपने रिश्तेदार के घर भेज दिया था।
1992 से साधु का आतंक
साधु का आतंक आज से नहीं बल्कि 1992 से है। चर्चित व्याधा हत्याकांड का मुख्य आरोपी था। इसमें वो जेल की सजा काट चुका है। हालांकि, इस केस में गवाह नहीं मिलने के कारण केस से बरी हो गया था, लेकिन कुछ वर्षों तक जेल की सलाखों के पीछे रहा था।

