उत्तर आंध्र प्रदेश और ओडिशा तट के आस पास के इलाकों में डीप डिप्रेशन के चलते एक चक्रवाती तूफान बन रहा है जो तीन दिसंबर को मजबूत होकर उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ेगा और चार दिसंबर की सुबह उत्तरी आंध्र प्रदेश-ओडिशा के तटवर्ती क्षेत्रों से टकराएगा। इसका नाम चक्रवात जोवाड़ (Cyclone Jowad) रखा गया है। वहीं पश्चिमोत्तर और मध्य भारत के आस पास के इलाकों में पश्चिमी विक्षोभ ने दस्‍तक दी है। समाचार एजेंसी पीटीआइ की रिपोर्ट के मुताबिक इसकी वजह से मौसम का मिजाज बदलेगा जिसकी वजह से देश के कई इलाकों में दो दिसंबर तक तेज बारिश होगी।


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मौसम विभाग की मानें अंडमान सागर के मध्य भाग पर बना निम्न दबाव का क्षेत्र बुधवार तक पश्चिम उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ते हुए मंगलवार तक बंगाल की मध्य खाड़ी के ऊपर एक चक्रवाती तूफान के रूप में तब्‍दील होकर चार दिसंबर को उत्तरी आंध्र प्रदेश और दक्षिण ओडिशा तट से टकराएगा। इसकी वजह से ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तटवर्ती जिलों के साथ साथ आंध्र प्रदेश के उत्तरी तटवर्ती क्षेत्रों में भारी से बहुत ज्‍यादा भारी बारिश होने का अनुमान है। यही नहीं उत्तरी-पूर्वी राज्यों में भी पांच से छह दिसंबर को भारी बारिश होगी।

यही नहीं दक्षिण पूर्वी अरब सागर पर भी एक चक्रवाती क्षेत्र बना हुआ है जिसकी वजह से अगले 24 घंटों के दौरान पूर्वी मध्य अरब सागर के ऊपर एक कम दबाव का क्षेत्र बन रहा है। पीटीआइ के मुताबिक पश्चिमोत्तर और मध्य भारत के आस पास बने पश्चिमी विक्षोभ की वजह से गुजरात के कुछ हिस्सों में दो दिसंबर तक भारी बारिश का अनुमान है। इसे देखते हुए मौसम विभाग ने मछुआरों को अरब सागर में नहीं जाने की सलाह दी है। साथ ही किसानों को कटी फसलें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की सलाह दी गई है।

मौसम विभाग ने अपने आल इंडिया वेदर बुलेटिन में कहा है कि इन मौसमी बदलाव के चलते बुधवार और बृहस्पतिवार को गुजरात के वडोदरा, नर्मदा, बनासकांठा, साबरकांठा, छोटा उदयपुर, भडूच, तापी, अमरेली, अरावली, दाहोद, महिसागर और भावनगर जिलों के कई स्थानों पर भारी से ज्‍यादा भारी बारिश हो सकती है। यही नहीं सौराष्ट्र में हल्की से मध्यम बारिश संभव है। मौसम विभाग ने किसानों को रबी की फसल की बोवाई नहीं करने और अपने पशुओं को सुरक्षित स्थानों पर रखने की सलाह दी है।

वहीं जम्‍मू-कश्‍मीर में ठिठुराने वाली सर्दी शुरू हो गई है। समाचार एजेंसी पीटीआइ की रिपोर्ट के मुताबिक मौजूदा वक्‍त में पूरे कश्‍मीर में न्यूनतम तापमान शून्य से नीचे दर्ज किया जा रहा है। श्रीनगर में मंगलवार की रात सीजन की सबसे सर्द रात के रूप में दर्ज की गई। श्रीनगर में मंगलवार की रात पारा शून्य से 2.5 डिग्री सेल्सियस तक नीचे रहा। कश्‍मीर घाटी में इस हफ्ते के अंत में एक पश्चिमी विक्षोभ के दस्तक देने का अनुमान है। इसकी वजह से बूंदाबांदी और बर्फबारी होगी नतीजतन घाटी में शुष्क मौसम और शुष्‍क हो जाएगा। आमतौर पर कश्‍मीर घाटी में कड़कड़ाती ठंड दिसंबर के तीसरे हफ्ते के आसपास शुरू होती है।

मौसम विभाग के मुताबिक अगले 24 घंटे में पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी राजस्थान में तापमान सामान्य रहने की संभावना है। पूर्वी राजस्थान, पूर्व और पश्चिम यूपी, मध्‍य प्रदेश में तापमान सामान्य से नीचे रहने की उम्मीद है। मौसम का पूर्वानुमान जारी करने वाली निजी एजेंसी स्‍काईमेट वेदर की रिपोर्ट के मुताबिक अगले 24 घंटों के दौरान, अंडमान निकोबार द्वीप समूह में भारी से बहुत भारी बारिश होगी। यही नहीं केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक, मध्य महाराष्ट्र, कोंकण और गोवा के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश संभव है।

स्‍काईमेट वेदर ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि ताजा मौसमी बदलावों के चलते गुजरात और महाराष्ट्र के तटीय भागों में तेज हवाएं की वजह से समुद्र में ऊंची लहरें उठने का अलर्ट जारी किया गया है। अनुमान है कि हवाओं की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा हो सकती है। दक्षिणपूर्व राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और रायलसीमा के कुछ इलाकों में हल्की बारिश संभव है। यही नहीं दिल्‍ली एनसीआर के इलाकों में सुबह से ही स्‍माग और कोहरे की चादर छाई हुई है।

By न्यूज़ डेस्क

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