ओड़िशा और आंध्रप्रदेश के लिए बड़ी राहत की खबर आयी है. मौसम विभाग के अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि ऐसा अनुमान है कि चक्रवाती तूफान ‘जवाद’ (Jawad Cyclone) आज दोपहर बाद ओड़िशा-आंध्रप्रदेश के तट पर पहुंचने से पहले डीप डिप्रेशन में तब्दील होकर कमजोर पड़ जायेगा. इस बीच, कोलकाता में हल्की-फुल्की, तो तटवर्ती क्षेत्रों में भारी बारिश शुरू हो गयी है.

एक साल में ‘गुलाब’ और ‘यास’ जैसे विनाशकारी चक्रवात की मार झेल चुके इन पूर्वी तटीय राज्यों को इससे राहत मिलने की उम्मीद है. भारत मौसम विज्ञान विभाग ने कहा, ‘इसके धीरे-धीरे कमजोर पड़ने और अगले 12 घंटे में उत्तर की ओर बढ़ने की उम्मीद है और इसके बाद यह उत्तर की तरफ ओड़िशा के तट की तरफ गहरे दबाव के क्षेत्र के रूप में पुरी के पास जा सकता है.’

मौसम विभाग ने अपने बुलेटिन में कहा गया कि इसके बाद ‘जवाद’ के और कमजोर होने और उत्तर-पूर्वोत्तर की तरफ ओड़िशा से पश्चिम बंगाल के तट की ओर बढ़ने के आसार हैं. यही वजह है कि पश्चिम बंगाल में 6 दिसंबर तक भारी बारिश होने का अनुमान है. प्रशासन ने राहत एवं बचाव अभियान भी शुरू कर दिया है. दक्षिण परगना से 15,000 लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचा दिया गया है.

भुवनेश्वर के मौसम विज्ञान केंद्र के मौसम विज्ञानी यूएस दास ने कहा, ‘यह समुद्र में कमजोर पड़ने के बाद गहरे दबाव के रूप में पुरी के तट से टकरा सकता है.’ विशेष राहत आयुक्त पीके जेना ने शुक्रवार को बताया था कि चक्रवात बंगाल की खाड़ी से जाने से पहले पुरी जिले के आसपास टकरा सकता है.

ओड़िशा के तट पर पहुंचने से पहले कमजोर हुआ चक्रवाती तूफान ‘जवाद’
पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना और मेदिनीपुर जिला में भारी बारिश शुरू
ओड़िशा में चावल की फसल को नुकसान पहुंचने का प्रशासन को अनुमान

उन्होंने शनिवार को ट्वीट किया, ‘एक छोटी सी अच्छी खबर है. चक्रवात के पुरी तट पर पहुंचने तक वह कमजोर पड़ सकता है.’ ओड़िशा के पूरे तटीय क्षेत्र में शुक्रवार रात से बारिश हो रही है.

मौसम विभाग की ओर से बताया गया कि पिछले 12 घंटे में पारादीप में सबसे ज्यादा 68 मिलीमीटर बारिश हुई और भुवनेश्वर में 10.4 मिलीमीटर बरसात हुई. आईएमडी के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने कहा कि ‘जवाद’ चक्रवात की वजह से ओड़िशा के पुरी तट पर 90 से 100 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवा चल सकती है, जो 110 किलोमीटर प्रति घंटा भी हो सकती है.

इस बीच, श्री जेना ने कहा कि सरकार ने जिला अधिकारियों से कहा है कि गंजाम, खुर्दा, पुरी, जगतसिंहपुर, केंद्रपाड़ा और कटक जिले के नियाली के प्रभावित इलाकों में रहने वाले लोगों को निकाला जाये. उन्होंने कहा कि सभी को नहीं निकाला जायेगा, क्योंकि अन्य चक्रवातों की तुलना में ‘जवाद’ की हवा की गति धीमी है. श्री जेना ने कहा की मछली पकड़ने की लगभग 22,700 नौका पहले से समुद्र और चिल्का झील से वापस आ चुकी हैं.

5 दिसंबर को ओड़िशा से आगे बढ़ेगा ‘जवाद’

ओड़िशा के राहत आयुक्त प्रदीप कुमार जेना ने बताया कि जवाद चक्रवात इस वक्त विशाखापत्तनम से करीब 210 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में और ओड़िशा के पुरी से करीब 390 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में स्थित है. इसके धीरे-धीरे कमजोर पड़ने के संकेत मिल रहे हैं. श्री जेना ने कहा कि रविवार की शाम को यह चक्रवात ओड़िशा के तट से आगे बढ़ जायेगा.
धान की फसल को भारी क्षति का अनुमान – पीके जेना

प्रदीप कुमार जेना ने कहा कि राहत एवं बचाव दलों को उन जगहों पर तैनात कर दिया है, जहां जवाद चक्रवात तबाही मचा सकता है. उन्होंने कहा कि सिर्फ निचले इलाके में रहने वाले लोगों को ही अन्यत्र शिफ्ट किया जा रहा है. श्री जेना ने कहा है कि इस चक्रवात की वजह से धान की फसल को भारी नुकसान पहुंचने का अनुमान है. फसल के नुकसान का आकलन किया जा रहा है

📲 Naugachia News WhatsApp Group Join करें
Join Now →

By न्यूज़ डेस्क

न्यूज़ को शेयर करे और कमेंट कर अपनी राय दे.....

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *