भागलपुर। डीएपी का रैक नवगछिया पहुंच गया है। यहां से प्रखंडों में इसकी आपूर्ति की जा रही है। 12 सौ रुपये बोरा से अधिक लेने पर दुकानदारों पर प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी। जिला कृषि पदाधिकारी ने सभी प्रखंड कृषि पदाधिकारी को छापेमारी करने का निर्देश दिया है। खाद की किल्लत को लेकर जिला कृषि पदाधिकारी ने कहा कि रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय से डीएपी की आपूर्ति कम हो रही है, जिसके कारण क्षेत्र से डीएपी की किल्लत की शिकायत मिल रही है।
जिला कृषि पदाधिकारी ने बताया कि शाहकुंड प्रखंड में 1000 बोरा डीएपी की आपूर्ति की गई है। विस्कोमान सुल्तानगंज एवं सभी प्रखंडों के खुदरा खाद विक्रेताओं को डीएपी की आपूर्ति की गई है। किसी किसान को डीएपी की किल्लत हो तो संबंधित प्रखंड के प्रखंड कृषि पदाधिकारी से सम्पर्क कर डीएपी प्राप्त कर सकते हैं। विपरीत परिस्थिति में जिला कृषि पदाधिकारी के बेसिक फोन नंबर 0641-2611030 पर सम्पर्क कर डीएपी की आपूर्ति के संबंध में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने सभी खुदरा उर्वरक विक्रेता को निर्देश दिया है कि 12 सौ रुपये प्रति बोरा डीएपी बिक्री करेंगे।
उन्होंने किसानों से आग्रह किया है कि यदि कहीं से भी 12 सौ रुपये प्रति बोरा से एक रुपये भी अधिक मूल्य पर बेचने की शिकायत प्राप्त होती है तो सूचित करें। उक्त विक्रेताओं पर उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 के तहत कार्रवाई करते हुए प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। उन्होंने सभी प्रखंड कृषि पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया कि आप लोग अपने क्षेत्राधिकार प्रखंडों में छापेमारी कर दोषी व कालाबाजारी करने वाले खाद विक्रेताओं पर कार्रवाई करते हुए प्राथमिकी दर्ज कर सूचित करें।

जिला कृषि पदाधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में प्रखंड कृषि पदाधिकारी द्वारा बताया गया कि बीज की उपलब्धता के अनुरूप 70 से 80 प्रतिशत बीज वितरण किया जा चुका हैं। शेष बचे बीजों को 19 दिसंबर तक पूर्ण कर लिया जाएगा। जिला कृषि पदाधिकारी द्वारा बताया गया कि बिहार राज्य बीज निगम द्वारा जो बीज एक सप्ताह के अंदर संबंधित विक्रेता को आवंटित की गई हैं, वैसे सभी बीजों को शतप्रतिशत वितरण कराएं। जो प्रखंड इस कार्य में लापरवाही बरतेंगे उस पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
प्रखंड कृषि पदाधिकारी एवं नोडल कृषि समन्वयक को निर्देश दिया गया कि विहान एप पर अभी भी बहुत सारे पंचायतों में रबी फसलवार आच्छादन, पंचायतों में उपलब्ध कृषि यंत्रों की प्रविष्टि, उद्यानिक फसलों की प्रविष्टि नही की गई हैं। इसे 19 दिसंबर तक शतप्रतिशत प्रविष्टि करना सुनिश्चित करें। शिथिलता बरतने वाले कर्मी कठोर कार्रवाई के पात्र होंगे।

