बिहार में कोरोना के मामले तेजी से बढ़ने लगे हैं. प्रदेश में कोरोना संक्रमित मरीजों के सैंपल की जीनोम सिक्वेंसिंग करायी जा रही है. जिसके बाद यह भी पता चल पा रहा है कि देशभर में ओमिक्रॉन के गहराये संकट के बीच बिहार में कोरोना के किस वेरिएंट ने पांव पसारा है. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, करीब 800 सैंपल की जांच के लिए दिल्ली स्थित लैब भेजा गया था.

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, बिहार में कोरोना के जितने मरीज मिले हैं उनमें करीब 800 लोगों के सैंपल को जांच के लिए दिल्ली भेजा गया था. इन सैंपल को जीनोम सिक्वेंसिंग के लिए दिल्ली स्थित नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल की लैब में भेजा गया है. बताया जा रहा है कि स्वास्थ्य विभाग को दिल्ली के लैब से अभी तक 482 सैंपल की रिपोर्ट मिल गयी है. जिसमें ओमिक्रॉन का भी मामला सामने आया है.

बिहार के संक्रमितों की दिल्ली से जो रिपोर्ट आई है उसमें ओमिक्रॉन का केवल एक ही मामला सामने आया है. अधिकतर मामले डेल्टा और डेल्टा प्लस वेरिएंट के आए हैं. यानी अभी तक बिहार में जितने भी संक्रमितों की रिपोर्ट सामने आयी है उसके आधार पर ये कहा जा सकता है कि बिहार में डेल्टा और डेल्टा प्लस के कारण संक्रमण पसरा है.

बता दें कि सूबे में ओमिक्रॉन का पहला मामला पटना में सामने आया था. लेकिन संक्रमित मरीज बहुत ही कम समय में निगेटिव भी हो गये थे. यह अभीतक एकमात्र ऐसा मामला सामने आया था जो ओमिक्रॉन का हो. वैसे हाल में ही डब्लयूएचओ और केंद्र की टीम बिहार आई थी. जिन्होंने ये नसीहत दी थी कि डेल्टा प्लस को हल्के में नहीं ले. ये अधिक खतरनाक साबित हुआ है. इसलिए लोगों को सतर्कता बरतनी चाहिए. बता दें कि गुरुवार तक सूबे में 5785 एक्टिव केस हो गये थे.

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By न्यूज़ डेस्क

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