नवगछिया। व्यवहार न्यायालय के प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश एनपी सिंह के न्यायालय ने गोपालपुर थाना कांड संख्या 152/93 धारा 302, 34 भादवि के अभियुक्त गोसाई गांव निवासी गोपाल ठाकुर और शिबू ठाकुर को धारा 302, 34 भादवि में दोषी पाते हुए दोनों को आजीवन कारावास और 50 हजार रुपया जुर्माना की सजा सुनाई है।
न्यायालय ने जुर्माने की राशि अदा नहीं करने पर दोनों को एक-एक साल की अतिरिक्त सजा भुगतने का आदेश दिया है। घटना में मृतक के भाई सूचक धनंजय झा के आवेदन पर गोपालपुर थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
घटना 20 अगस्त 1993 के 6:30 बजे सुबह की है। जब धनंजय झा के घर के बगल में गांव के ही गोपाल ठाकुर, शिबू ठाकुर और कन्हैया गड्ढा खोद रहे थे। इसी दौरान धनंजय झा के भाई रमेश झा ने गड्ढा खोदने से मना किया, कहा कि इससे रास्ता बंद हो जाएगा। दोनों के बीच विवाद होने पर तीनों ने मिलकर कुदाल लाठी से मार-मार कर रमेश को अधमरा कर दिया। घायल को गंभीर अवस्था में भागलपुर अस्पताल से पटना रेफर किया गया जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गयी। मुकदमे में सरकार की ओर से अपर लोक अभियोजक लाल मोहन मंडल ने भाग लिया।


