नवगछिया : यूक्रेन पर रूस के हमला के बीच अभी भी भारतीय छात्र वहां फंसे हुए हैं। नवगछिया के तेलघी के रहने वाले छात्र करण चौधरी भी वहीं फंसा हुआ है। वह युक्रेन में एलवीआईवी नेशनल मेडिकल यूनिवर्सिटी में फर्स्ट इयर का छात्र है।
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छात्र का कहना है कि भारतीय दूतावास ने वहां से पोलैंड तक जाने के लिए छात्रों को वाहन भी उपलब्ध कराया था, ताकि पोलैंड के रास्ते छात्रों को भारत लाया जा सके। उसका कहना है कि वाहन कम पड़ गये तो छात्रों को अपने स्तर से वाहन का इंतजाम कर पोलौंड बॉर्डर तक पहुंचने को कहा गया है।
उसने बताया कि शुक्रवार को कैब से वह पोलैंड बॉर्डर की तरफ बढ़े पर बॉर्डर से लगभग 17 किमी दूर ही कैब ने उसे छोड़ दिया। वहां से उन्हें पैदल ही बॉर्डर तक पहुंचना पड़ा। उसे इस बात की खुशी है कि वहां से वह निकल गया। करण के पिता डॉ राकेश कुमार ने बताया कि करण पिछले साल नवंबर में ही यूक्रेन गया है। उनका कहना है कि पिछले तीन दिन से वे सो भी नहीं पाये हैं। वे लगातार करण के संपर्क में हैं। राकेश ने बताया कि वे दिल्ली में ही होमियोपैथिक डॉक्टर हैं।

