जमुई सांसद सह लोजपा (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान शुक्रवार को काजवलीचक धमाके के शिकार परिजनों से मुलाकात को पहुंचे। इस दौरान परिजनों से बातचीत के बाद उन्होंने कहा कि इस हृदयविदारक घटना में 15 जिंदगियां खत्म हो गयी। बावजूद बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने यहां पर आना तक मुनासिब नहीं समझा।
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ऐसे में बिहार के सीएम व प्रशासन से मांग है कि हरेक पीड़ित के परिजनों को 25 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाये। साथ ही पीड़ितों के लिए आवास निर्माण, घायलों का इलाज व बच्चों की पढ़ाई आदि का प्रबंध सरकारी खर्चे पर किया जाये और इस घटना में शामिल उच्च पदाधिकारियों को चिह्नित कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाये।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री व डीएम को लिखित मांग पत्र दिया जाएगा। उन्होंने पार्टी पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं से अपील की है कि वे अपने-अपने स्तर से सहयोग करते हुए पीड़ितों को राहत देने का काम करें। उन्होंने कहा कि 20 साल पहले यहां पर हुए धमाके में चार जिंदगी खत्म हो गयी थी, बावजूद 20 साल तक पटाखा निर्माण का अवैध कारोबार कैसे चलता रहा। ऐसा कैसे हो सकता है कि इस अवैध कारोबार की जानकारी यहां के पुलिस अधिकारियों को नहीं थी, जबकि घटनास्थल से कुछ ही दूरी पर डीएसपी का आवास व दो थाना संचालित है।

उन्होंने कहा कि पीड़ितों को शासन ने राहत के नाम पर एक-एक बोरा गेहूं व चावल तो दे दिया लेकिन इन्हें पकाने के लिए चूल्हा तक नहीं दिया। इन पीड़ितों के बेघर होने व इनके बच्चों की पढ़ाई छूटने के जिम्मेदारों पर कार्रवाई कब होगी। इस मौके पर डिप्टी मेयर राजेश वर्मा, मृणाल शेखर आदि की मौजूदगी रही।
