पटना. विधान परिषद में शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा कि सातवें चरण की शिक्षक नियुक्ति के बाद पंचायत व नगर निकायों के नियोजित शिक्षक एवं पुस्तकालयाध्यक्ष को दूसरे जिले और नियोजन इकाई में तबादला हो सकेगा. बुधवार को केदारनाथ पांडेय, संजीव कुमार सिंह, संजय कुमार सिंह एवं संजीव श्याम सिंह के ध्यानाकर्षण पर जवाब देते हुए शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा कि जिस वर्ग के लिए शिक्षकों के पद निर्धारित हैं, अभी तबादला करने के बाद नियुक्ति प्रभावित होगी. मंत्री ने कहा कि सातवें चरण में उच्च माध्यमिक शिक्षकों के पदों पर नियुक्ति के लिए उपलब्ध रिक्ति के 50 प्रतिशत पदों पर प्रोन्नति नियमावली 2020 के तहत होगी. पंचायत और नगर निकायों के शिक्षकों की नियुक्ति, प्रोन्नति, स्थानांतरण, अनुशासनिक कार्रवाई एवं सेवाशर्त नियमावली 2020 लागू होने के पहले से छठे चरण के तहत 2019 से शिक्षकों की बहाली चल रही है.

छठे चरण में माध्यमिक और उच्च माध्यमिक शिक्षक नियोजन के बाद हाइस्कूलों में शिक्षकों के पदों की गणना कर सातवें चरण में नियुक्ति की कार्रवाई की जायेगी. मंत्री ने कहा कि स्थानांतरण के लिए उपलब्ध रिक्ति के कोटि का निर्धारण किया जायेगा. रिक्त पद की गणना में नियुक्ति के लिए विज्ञापित रिक्त पदों को शामिल नहीं किया जायेगा. छठे चरण की नियुक्ति प्रक्रिया चल रही है, इसलिए शिक्षकों का स्थानांतरण की कार्रवाई नियुक्ति की प्रक्रिया समाप्त होने के बाद की जायेगी. दिव्यांग, महिला शिक्षकों और पुस्तकालयाध्यक्षों को तबादला में प्राथमिकता मिलेगी. शिक्षा मंत्री ने कहा कि सितंबर 2020 से इपीएफ की सुविधा दी गयी है. पेंशन के हकदार होंगे.

प्रखंड साधनसेवी एक माह के अंदर मूल विद्यालय में वापस होंगे

शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी ने विधानसभा में कहा कि राज्य के सभी प्रखंड संसाधन केंद्रों पर काम करनेवाले प्रखंड साधनसेवी (बीआरपी) को एक माह के अंदर उनके मूल विद्यालय में वापस भेज दिया जायेगा. उन्होंने कहा कि सरकार के संज्ञान में भी यह बात है कि बीआरपी की उपयोगिता कितनी है. इस पद की उपयोगिता की समीक्षा की जा रही है. इस पद को लेकर प्रश्नचिह्न खड़ा हुआ है. अगर इस पद की उपयोगिता नहीं होगी, तो पद को समाप्त करने की प्रक्रिया अपनायी जायेगी. इसके लिए कमेटी का गठन किया जायेगा.

भाजपा के अरुण शंकर प्रसाद के ध्यानाकर्षण के जवाब में उन्होंने बताया कि बीआरपी के पद की अगर किसी भी रूप में उपयोगिता पायी जाती है, तो सरकार नये लोगों को नयी प्रक्रिया के तहत चयन करेगी. अरुण शंकर प्रसाद ने सरकार से पूछा था कि राज्य के सभी प्रखंड संसाधन केंद्र के लिए बीआरपी चयन मार्गदर्शिका 2017 के अनुसार प्रखंड साधनसेवी (बीआरपी) के पदों पर चयन की अधिकतम तीन वर्षों के लिए करने का प्रावधान था.

विधान परिषद में बुधवार को सदस्य सर्वेश कुमार के तारांकित सवालों का जवाब देते हुए खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री लेशी सिंह ने कहा कि बिहार में गरीब को राशन मिले, इसको लेकर विभाग द्वारा जगह-जगह पर राशन कार्ड शिविर लगा कर बांटा जा रहा है. 2022- 23 में एक लाख 23 हजार राशन कार्ड को रद्द किया गया है. वहीं, 2017 से अभी तक पौने आठ लाख लोगों का राशन कार्ड रद्द किया गया है. यह सभी कार्ड धारक पात्रता नहीं रखते थे.

उन्होंने कहा कि राशन कार्ड की जांच के लिए वैसे लोगों को चिन्हित किया जाता है, जो तीन माह तक राशन नहीं उठाते है. जो पात्रता को छुपा रहे है. ऐसे लोगों के कार्ड को रद्द किया जायेगा. सदस्य अशोक कुमार अग्रवाल के तारांकित प्रश्नों का जवाब देते हुए मंत्री ने कहा कि सरकार के द्वारा 2020 में ग्रामीण क्षेत्रों में जीविका एवं शहरी क्षेत्रों में राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के माध्यम से सर्वेक्षण के आधार पर विशेष अभियान चलाते हुए 36.87 लाख से अधिक नये राशन कार्ड निर्गत किये गये है और यह एक नियमित प्रक्रिया है. लाभुकों के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रकिया करने की व्यवस्था है.

पश्चिम चंपारण में बनेगा नीतीश नगर व मोदी भवन

राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री रामसूरत कुमार ने कहा कि पश्चिम चंपारण जिले के बगहा में मोदी भवन और नीतीश नगर बनेगा. बुधवार को विधान परिषद में जदयू के खालिद अनवर के तारांकित प्रश्न के जवाब में राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री ने यह जानकारी दी. खालिद अनवर ने पश्चिम चंपारण के बगहा प्रखंड के पुनर्वास बस्ती में नीतीश नगर, रहमान नगर का पुनर्वास का सवाल उठाया था. इस पर मंत्री ने कहा कि बहुत जल्द पश्चिम चंपारण में मोदी भवन और नीतीश नगर बनेगा. उन्होंने कहा कि जिन लोगों को पुनर्वास की जमीन की रसीद नहीं मिली है, उन सभी को भी जल्द रसीद मिल जायेगी.

पंचायतों में 15 दिनों में स्थायी समितियों का होगा गठन

पंचायती राज मंत्री सम्राट चौधरी ने बताया कि राज्य के त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थाओं में सात स्थायी समितियों का गठन 15 दिनों के अंदर करने का निर्देश दिया जायेगा. सभी स्थायी समितियों का गठन निर्वाचन के माध्यम से किया जायेगा. उन्होंने बताया कि जिन पंचायतों में निर्वाचन के माध्यम से स्थायी समितियों का गठन नहीं किया गया है वहां की राशि रोक दी जायेगी. पंचायती राज मंत्री बुधवार को विधानसभा में ढ़ाका के विधायक पवन कुमार जायसवाल के अल्पसूचित प्रश्न का जवाब दे रहे थे.

📲 Naugachia News WhatsApp Group Join करें
Join Now →

By न्यूज़ डेस्क

न्यूज़ को शेयर करे और कमेंट कर अपनी राय दे.....

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *