नवगछिया। बिहार की राजनीति में पूर्व जदयू विधायक गोपाल मंडल के कांग्रेस में जाने की चर्चा ने भागलपुर जिले की सियासत को गरमा दिया है। गोपालपुर विधानसभा क्षेत्र से चार बार विधायक रहे नरेंद्र कुमार नीरज उर्फ गोपाल मंडल के कांग्रेस में शामिल होने को लेकर पटना में कार्यक्रम की तैयारी की गई थी, लेकिन 20 अगस्त को निर्धारित कार्यक्रम टल गया। गोपाल मंडल ने इसकी वजह पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की पुण्यतिथि बताई और कहा कि उन्हें सदस्यता के लिए नई तारीख दी जाएगी।

गोपाल मंडल को कभी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का करीबी माना जाता था। हाल के दिनों में उनकी राजद नेता तेजस्वी यादव से मुलाकात के बाद उनके राजद में जाने की अटकलें भी तेज हुई थीं। अब कांग्रेस से जुड़ने की चर्चा ने उनके अगले राजनीतिक कदम को लेकर एक बार फिर सियासी चर्चाओं को हवा दे दी है।

रिपोर्टों के मुताबिक, गोपाल मंडल के कांग्रेस में जाने की पहल में पूर्णिया सांसद पप्पू यादव की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही है। हालांकि, कांग्रेस में उनकी औपचारिक सदस्यता को लेकर स्थिति अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। कांग्रेस के प्रदेश मुख्यालय सदाकत आश्रम की ओर से भी पहले उनके सदस्यता कार्यक्रम को लेकर स्पष्ट जानकारी नहीं होने की बात सामने आई थी।

चार बार रह चुके हैं गोपालपुर के विधायक

गोपाल मंडल ने वर्ष 2005 में जदयू के टिकट पर गोपालपुर विधानसभा सीट से पहली बार चुनाव जीता था। इसके बाद उन्होंने 2010, 2015 और 2020 के विधानसभा चुनाव में भी लगातार जीत दर्ज की। इस तरह वह 2005 से 2020 तक लगातार चार बार गोपालपुर के विधायक रहे। वर्ष 2025 के विधानसभा चुनाव में जदयू ने उन्हें टिकट नहीं दिया, जिसके बाद उन्होंने निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ा। चुनाव के बाद जदयू ने उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया।

2029 में भागलपुर से लोकसभा चुनाव लड़ने की इच्छा जता चुके हैं

गोपाल मंडल पहले ही वर्ष 2029 में भागलपुर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ने की इच्छा जाहिर कर चुके हैं। ऐसे में कांग्रेस के साथ उनकी संभावित नई राजनीतिक पारी को आगामी लोकसभा राजनीति से जोड़कर भी देखा जा रहा है। हालांकि, कांग्रेस उन्हें भविष्य में भागलपुर से लोकसभा उम्मीदवार बनाएगी या नहीं, इस पर अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।

गोपाल मंडल का लंबे समय का राजनीतिक अनुभव और गोपालपुर-नवगछिया क्षेत्र में उनका प्रभाव कांग्रेस के लिए उपयोगी हो सकता है। दूसरी ओर, कांग्रेस में उनका प्रवेश भागलपुर और नवगछिया की स्थानीय राजनीति में नए समीकरण पैदा कर सकता है।

फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि गोपाल मंडल कांग्रेस में औपचारिक रूप से कब शामिल होंगे और पार्टी उन्हें क्या राजनीतिक जिम्मेदारी देगी। उनकी अगली राजनीतिक पारी पर भागलपुर जिले के राजनीतिक गलियारों की नजर बनी हुई है।

📲 Naugachia News WhatsApp Group Join करें
Join Now →

By न्यूज़ डेस्क

न्यूज़ को शेयर करे और कमेंट कर अपनी राय दे.....

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *